आम लोगों को राहत, लगातार चौथे महीने काबू में महंगाई

आम लोगों को राहत, लगातार चौथे महीने काबू में महंगाई

भारत में महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर एक बार फिर राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार की ओर से बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत की थोक मूल्य महंगाई (WPI) दिसंबर में बढ़कर 0.83% हो गई। इससे पहले नवंबर में यह 0.32% कम रही थी। सरकार ने बताया कि दिसंबर 2025 में महंगाई के सकारात्मक होने की मुख्य वजह अन्य मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों, खनिजों, मशीनरी और उपकरणों के निर्माण, खाद्य उत्पादों और टेक्सटाइल कीमतों में बढ़ोतरी रही।
खाद्य महंगाई (Inflation) दिसंबर में 0.00% पर स्थिर रही। नवंबर में इसमें 2.60% की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, रॉयटर्स की ओर से किए गए अर्थशास्त्रियों के सर्वे में दिसंबर में थोक महंगाई 0.30% रहने का अनुमान लगाया गया था। इससे पहले, रिटेल महंगाई दिसंबर 2025 में बढ़कर 1.3% हो गई, जो नवंबर में 0.7% थी। यह बढ़ोतरी खाद्य वस्तुओं में गिरावट कम होने और अन्य सामानों की कीमतों में दबाव बढ़ने के कारण हुई। हालांकि, इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष में यह लगातार चौथा महीना रहा जब महंगाई रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी रही।
प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई नवंबर में -2.93% थी, जो दिसंबर में बढ़कर 0.21% हो गई। वहीं, ईंधन और बिजली की महंगाई दिसंबर में भी नकारात्मक बनी रही और -2.31% रही, जो नवंबर के -2.27% के करीब ही है। निर्मित वस्तुओं की महंगाई दिसंबर में बढ़कर 1.82% हो गई, जो नवंबर में 1.33% थी। दिसंबर महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में महीने-दर-महीने आधार पर 0.71% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
महंगाई पर RBI का रुख
इससे पहले, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने कहा था कि केंद्रीय बैंक को अब चालू वित्त वर्ष में औसत महंगाई 2.0% रहने की उम्मीद है। यह उसके पहले के अनुमान 2.6% से काफी कम है। RBI ने पूरे वित्त वर्ष के दौरान महंगाई के अनुमान को धीरे-धीरे कम किया है, जबकि विकास दर के अनुमान बढ़ाए हैं। फरवरी में FY26 के लिए महंगाई का अनुमान 4.2% था, जिसे अक्टूबर में घटाकर 2.6% कर दिया गया।
MPC ने जारी किया नया अनुमान
MPC ने तिमाही आधार पर भी नए महंगाई अनुमान जारी किए हैं। इसके अनुसार FY27 की तीसरी तिमाही में महंगाई 0.6%, चौथी तिमाही में 2.9%, पहली तिमाही में 3.9% और दूसरी तिमाही में 4.0% रहने का अनुमान है। अक्टूबर की नीति में ये अनुमान इससे ज्यादा थे। यह फैसला उस समय आया है जब MPC ने नीतिगत रेपो दर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 5.25% कर दिया और अपना रुख तटस्थ बनाए रखा। RBI ने इसे विकास को समर्थन देने और महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखने का संतुलित कदम बताया।
8% की दर से बढ़ेगी GDP
भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज विकास और कम महंगाई (Inflation) के एक खास दौर में बताया। यह अनुमान RBI के हालिया 7.3% के अनुमान से ऊपर है और पिछले साल की 6.5% की वृद्धि से बेहतर है। महंगाई को शामिल करने वाली नाममात्र GDP के चालू वित्त वर्ष में 8% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 9.7% से कम है। इन्हीं आंकड़ों को 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट का आधार बनाया जाएगा। FY26 की दूसरी तिमाही में भारत की आर्थिक रफ्तार और तेज हुई। इस दौरान GDP वृद्धि 8.2% रही, जो पिछले छह तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है। यह बाजार के अनुमान से भी ज्यादा और अप्रैल-जून तिमाही की 7.8% वृद्धि से बेहतर रही। इससे पहले के दो वित्त वर्षों में अर्थव्यवस्था 6.5% और 9.2% की दर से बढ़ी थी।