कांकेर में मुठभेड़ में महिला नक्सली ‘रूपी’ ढेर, 5 लाख रुपये की थी इनामी

कांकेर में मुठभेड़ में महिला नक्सली ‘रूपी’ ढेर, 5 लाख रुपये की थी इनामी

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सोमवार सुबह नक्सल प्रभावित छोटेबेठिया क्षेत्र के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये की इनामी प्रतापपुर एरिया कमेटी मेंबर कैडर की सक्रिय महिला नक्सली ‘रूपी’ मारी गई। पुलिस ने घटनास्थल से उसका शव बरामद कर लिया है। मौके से एक रिवाल्वर भी बरामद किया गया है।
सुरक्षाबलों को छोटेबेठिया इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद विशेष टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जंगल में घेराबंदी के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में महिला नक्सली रूपी मारी गई। यह घटना सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के ठीक 12 दिन बाद सामने आई है।
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों को बार-बार आत्मसमर्पण का अवसर दिया गया । मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। उन्हाेने कहा कि क्षेत्र में अन्य नक्सलियों की मौजूदगी हो सकती है, जिन्हें पकड़ने या निष्क्रिय करने के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मारी गई नक्सली की पहचान रतापुर एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य रूपी रेड्डी के रूप में हुई है। वो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थी। बस्तर क्षेत्र में बड़े कैडर के ज्यादातर नक्सलियों के मारे जाने या सरेंडर के बाद वह प्रमुख सक्रिय कैडर में से एक मानी जा रही थी। महिला नक्सली रूपी स्टेट कमेटी मेंबर (एससीएम) विजय रेड्डी की पत्नी थी। एससीएम विजय रेड्डी राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस अधिकारीयों के अनुसार विजय रेड्डी की पत्नी रूपी ही उत्तर बस्तर कांकेर में नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने से रोक रही थी।
उल्लेखनिय है कि पुलिस और प्रशासन द्वारा लंबे समय से नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सरकार की ओर से 31 मार्च तक आत्मसमर्पण का विशेष अवसर भी दिया गया था, लेकिन रूपी सहित कई सक्रिय नक्सलियों ने इस अपील को नजर अंदाज किया।