Epstein Files विवाद: ट्रंप के लिए मुश्किलें बढ़ीं, एलन मस्क भी घेरे में

Epstein Files विवाद: ट्रंप के लिए मुश्किलें बढ़ीं, एलन मस्क भी घेरे में

अमेरिका में विवादित जेफ्री एपस्टीन (Epstein) से जुड़े नए दस्तावेज सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर कॉर्पोरेट दुनिया तक हलचल तेज हो गई है। इन दस्तावेज़ों में कई प्रभावशाली लोगों के नाम है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया के सबसे अमीर एलन मस्क को लेकर हो रही है।
हालांकि दस्तावेज़ों में सभी बातों को सीधे आरोप के तौर पर नहीं देखा जा रहा, लेकिन यह खुलासे इतने बड़े हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका की राजनीति और वैश्विक कॉर्पोरेट इमेज पर इसका असर तय माना जा रहा है।
ट्रम्प पर कई तरह के गंभीर आरोप
दस्तावेज़ों में राष्ट्रपति ट्रम्प का उल्लेख सबसे ज्यादा गंभीर तरीके से सामने आया है। बताया जा रहा है कि एफबीआई की एक सूची में ट्रम्प के खिलाफ यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसे कई अपुष्ट आरोप दर्ज होने का जिक्र है। हालांकि ये आरोप अभी कानूनी रूप से प्रमाणित नहीं हैं, लेकिन चुनावी और राजनीतिक माहौल में अपुष्ट आरोप भी किसी भी नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी होते हैं। यही कारण है कि ट्रम्प के विरोधियों के लिए यह एक बड़ा हथियार बन सकता है।
एपस्टीन (Epstein) सर्कल की ईमेल: ट्रम्प को दूर रखो
दस्तावेज़ों में एक पुराने ईमेल का जिक्र भी आता है, जिसमें एपस्टीन (Epstein) और उससे जुड़े लोग एक मामले को लेकर बातचीत करते हैं और इस दौरान ट्रम्प को लेकर बेहद सावधानी बरतने की बात सामने आती है। ईमेल की भाषा से संकेत मिलता है कि उस बातचीत में ट्रम्प को शामिल न करने जैसी रणनीति पर चर्चा हुई। यह बात ट्रम्प के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह इसलिए है क्योंकि यह दर्शाता है कि उनका नाम एपस्टीन (Epstein) से जुड़े नेटवर्क में जरूर मौजूद था, भले ही अभी तक किसी अपराध में उनकी सीधी भूमिका साबित न हुई हो।
पीड़िता का बयान: पार्टी में पेश किया गया
दस्तावेज़ों के मुताबिक एक पीड़िता ने जांच एजेंसी को बताया कि उसे एक पार्टी में ट्रम्प के सामने पेश किया गया था, जैसे किसी को जानबूझकर एक व्यक्ति के सामने उपलब्ध कराया जा रहा हो। हालांकि उसी बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ नहीं हुआ, यानी ट्रम्प पर तत्काल किसी अपराध का सीधा आरोप नहीं बनता। लेकिन राजनीतिक नैरेटिव के लिए इतना संकेत भी काफी माना जाता है कि ट्रम्प का नाम विवाद में बार-बार खींचा जा सके।
एलन मस्क का भी नाम
ट्रम्प के करीबी रहे दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति एलन मस्क के संदर्भ में सबसे बड़ा मुद्दा ईमेल रिकॉर्ड को लेकर है। दस्तावेज़ों में मस्क और एपस्टीन के बीच ईमेल के ज़रिए बातचीत का उल्लेख है जिसमें एपस्टीन (Epstein) के कैरेबियन द्वीप पर मस्क की यात्राओं के कोआर्डिनेशन जैसी बातें शामिल है। यह हिस्सा विवाद इसलिए बन रहा है क्योंकि इसे एलन मस्क के पुराने सार्वजनिक बयानों के विपरीत माना जा रहा है। मस्क के लिए खतरा कानूनी से ज्यादा विश्वसनीयता का है क्योंकि उनके बिज़नेस साम्राज्य की नींव भरोसे, इनोवेशन और ग्लोबल इमेज पर टिकी है।
भारत विरोधी बयान देने वाले अमेरिकी मंत्री का भी नाम
टैरिफ को लेकर भारत के ख़िलाफ़ बयानबाजी के लिए चर्चित अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लूटनिक का नाम भी इन दस्तावेजों में है जिससे लूटनिक की स्थिति कमजोर हो सकती है। लूटनिक ने एपस्टीन (Epstein) से सार्वजनिक रूप से दूरी बनाने के दावे के बाद भी उसके साथ पत्राचार जारी रखा था।
क्लिंटन के बाद बराक ओबामा का नाम भी संदेह के घेरे में
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की एप्स्टीन (Epstein) के साथ और उसकी पार्टियों की कई तस्वीर तो पहले से ही सामने है लेकिन अब इसमें नया नाम अमेरिका के एक और राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी इस बार आया है। दस्तावेज के मुताबिक़ ओबामा प्रशासन से जुड़े एक वरिष्ठ सहयोगी के जरिए एप्स्टीन से संपर्क बना हुआ था। जहां एपस्टीन (Epstein) से सरकारी मसले पर राय/फीडबैक लेने जैसी बात का उल्लेख बताया गया है।