चिली की एक खदान में हड़ताल, सप्लाई में कमी का अनुमान और गोदामों में कम स्टॉक के कारण सोमवार को तांबे (Copper) की कीमतें पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गईं। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बेंचमार्क तांबे की कीमत 1709 जीएमटी तक 4.6 फीसदी बढ़कर 13,042 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गई थी। इससे पहले यह 13,045 डॉलर तक पहुंच गई थी, जो 29 दिसंबर को बने पिछले रिकॉर्ड 12,960 डॉलर को पार कर गई थी। संयुक्त राज्य अमेरिका में, कॉमेक्स तांबे (Copper) की कीमतें 4.6 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 5.9005 डॉलर प्रति पाउंड या 13,008 डॉलर प्रति टन हो गईं।
व्यापारियों का कहना है कि उत्तरी चिली में कैपस्टोन कॉपर (Copper) की मंटोवर्दे कॉपर और सोने की खदान में हड़ताल ने कमी की आशंका को और मजबूत कर दिया है। मंटोवर्दे खदान से 29,000 से 32,000 मीट्रिक टन तांबे का उत्पादन होने की उम्मीद है। हालांकि यह इस वर्ष के ग्लोबल प्रोडक्शन पूर्वानुमान (लगभग 24 मिलियन टन) का एक छोटा सा हिस्सा है, फिर भी इससे प्रोडक्शन में कमी की आशंकाएं और पुष्ट होती हैं।
यूबीएस के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि हमारा अनुमान है कि 2026 में तांबे (Copper) की मांग में लगभग 3 फीसदी की वृद्धि होगी, जबकि रिफाइंड तांबे की सप्लाई में 1 फीसदी से भी कम की वृद्धि होगी। इसके परिणामस्वरूप 300,000-400,000 टन की कमी होगी, जो 2027 में बढ़कर लगभग 500,000 टन हो जाएगी।
तांबे (Copper) में तेजी का कारण
तांबे की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण एलएमई (लॉन्ग मार्केट मार्केट) में तांबे के भंडार में गिरावट है, जो अगस्त के अंत से 55 फीसदी घटकर 142,550 टन रह गया है। एलएमई सिस्टम से निकलने वाले अधिकांश तांबे का एक्सपोर्ट संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ है, जहां तांबे पर टैरिफ की समीक्षा जारी है, हालांकि 1 अगस्त से तांबे को इंपोर्ट ड्यूटी से छूट दी गई है। इसके अलावा एल्युमीनियम की कीमत 3,093 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई, जो अप्रैल 2022 के बाद से उच्चतम स्तर है। यह संभावित कमी की चिंताओं के कारण हुआ है, जिसका आंशिक कारण चीन द्वारा निर्धारित 45 मिलियन टन उत्पादन सीमा है। विटसेंड कमोडिटी एडवाइजर्स के अध्यक्ष ग्रेगरी विटबेकर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से, एलएमई की कीमत मूल रूप से चीन में कैपिपटल कॉस्ट द्वारा निर्धारित की जाती रही है। अब बाजार को इंडोनेशिया जैसे देशों में कैपेक्स के बारे में सोचना शुरू करना होगा।
दूसरे मेटल्स में भी तेजी
कॉपर (Copper) में तेजी की वजह से दुनिया के दूसरे मेटल्स में भी तेजी देखने को मिली है। अगर बात एल्युमीनियम की करें तो इंटरनेशनल मार्केट में 2.3 फीसदी बढ़कर 3,086 डॉलर पर, जिंक 2.5 फीसदी बढ़कर 3,204 डॉलर पर, सीसा 1 फीसदी बढ़कर 2,026 डॉलर पर, निकेल 2.2 फीसदी बढ़कर 17,195 डॉलर पर और टिन 5.9 फीसदी बढ़कर 42,785 डॉलर पर पहुंच गया। व्यापारियों का कहना है कि कम मात्रा वाले बाजार में शॉर्ट कवरिंग के कारण टिन में इतनी तेजी आई।
भारत में भी तेजी
देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी कॉपर (Copper) की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार एमसीएक्स पर कॉपर की कीमत करीब डेढ़ फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। जिसके बाद दाम कारोबारी सत्र में 1334.70 रुपए के साथ दिन के हाई पर पहुंच गए। वैसे सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर कॉपर 1.27 फीसदी की तेजी के साथ 1326.80 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है। वैसे पिछले महीने कॉपर ने 1392.95 रुपए के साथ रिकॉर्ड बनाया था। जानकारों की मानें तो कॉपर की कीमतों में तेजी का माहौल बना रह सकता है।
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