पानी के मुद्दे पर हरियाणा-राजस्थान में बनी सहमति

पानी के मुद्दे पर हरियाणा-राजस्थान में बनी सहमति

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अगुवाई में हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के बीच एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान दोनों प्रदेशों से जुड़े जल संसाधनों, सिंचाई व्यवस्था और आम जनता के लिए पीने के पानी (Yamuna Water Dispute) से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहराई से बातचीत हुई। बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने जानकारी दी कि साल 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड (Yamuna River Board) समझौते के तहत राजस्थान को उसके हक का पानी देने के लिए दोनों राज्य पूरी तरह सहमत हो गए हैं। इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए सोमवार को दोनों पक्षों के बीच एक आधिकारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए जाएंगे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध से जुड़े निर्माण कार्यों में अब तेजी लाई जाएगी। माना जा रहा है कि इन बड़ी बांध परियोजनाओं पर दोनों राज्यों के आपसी तालमेल से पानी के बेहतर रख-रखाव और प्रबंधन को एक नया रास्ता मिलेगा।
इसके साथ ही पर्यावरण की रक्षा और जल स्रोतों को साफ-सुथरा रखने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। तय हुआ है कि घग्गर नहर में मिलने वाले दूषित पानी को शुद्ध करने के लिए विशेष वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इन प्लांटों के चालू होने के बाद बिना साफ किए कोई भी गंदा पानी सीधे नदी में नहीं बह सकेगा, जिससे पानी की शुद्धता बनी रहेगी।