नदिया/पूर्व बर्धमान/उत्तर 24 परगना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की जमीन से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो-टूक कहा कि ममता दीदी ने इसीलिए सीएए का विरोध किया था, क्योंकि उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा हो गए तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी? टीएमसी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती। पहले चरण के मतदान में सबने इसकी गुंडागर्दी देखी। लेकिन, 4 मई को जब परिणाम आएगा तो टीएमसी के गुंडों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। बंगाल में डबल इंजन सरकार बनने की आहट से ये गुंडे काम-धंधे की तलाश में जुट गए हैं। कोई सोच रहा कि कहां पंचर की दुकान खोलूं तो कोई सड़कों पर झाड़ू लगाने वाला बनकर जान बचाने की चिंता कर रहा है। लेकिन, हमलावर जहां जाएंगे, हम उन्हें वहां से खोज निकालेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) शनिवार को नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार श्रुति शेखर गोस्वामी, कटवा से बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण घोष तथा बागदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सोमा ठाकुर के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। भीषण गर्मी में भी सीएम योगी के प्रति बंगालवासियों के लगाव में कोई कमी नहीं दिखाई दी। जनसभाओं में मौजूद हजारों की भीड़ लगातार ‘योगी-योगी’ का नारा लगाती रही। सीएम ने इस स्नेह के लिए मतदाताओं का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि बंगाल अब अराजकता स्वीकार नहीं करेगा। कांग्रेस, कम्युनिस्टों व टीएमसी ने बंगाल के माथे पर लूटपाट का जो कलंक लगाया है, अब उससे मुक्त होने का समय है। बंगाल के लोगों ने डबल इंजन सरकार लाने का फैसला किया है, जो डबल स्पीड से काम करेगी। टीएमसी के गुंडों से हिसाब-किताब बराबर करने के लिए बंगाल में डबल इंजन सरकार आवश्यक है।
4 मई को बंगाल में हर ओर लहराएगा केसरिया झंडा-
सीएम योगी (CM Yogi) ने पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान के लिए मतदाताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि हर मतदाता के मन में भाव था कि बंगाल को टेरर, माफियाराज व करप्शन से मुक्ति दिलाकर फिर से भारत की पहचान का प्रतीक बनाना है और भाजपा की डबल इंजन सरकार लाना है। मतदान दिवस के नजारे बता रहे थे कि जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो केसरिया झंडा बंगाल में हर ओर लहराता दिखाई देगा।
टीएमसी ने बंगाल के सामने खड़ा किया पहचान का संकट-
सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि 500 वर्ष पहले चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्णा, हरे रामा… की मधुर धुन के माध्यम से दुनिया को आकर्षित कर भारत के सनातन ध्वज को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का जो कार्य किया था, आज वही कार्य इस्कॉन के संन्यासी कर रहे हैं। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत, गौरव, त्याग, बलिदान, साहस और स्वाभिमान की माटी है। यह भारत के अध्यात्म, देशभक्ति, कला व साहित्य की धरा है। भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को दिशा देने में इस भूमि ने महत्वपूर्ण नेतृत्व किया। यह वही बंगाल है, जिसे कभी देश की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में जाना जाता था। आज वही बंगाल टीएमसी के राज में पहचान के लिए मोहताज है। यहां उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं, किसानों को उपज का उचित दाम, नौजवानों को रोजगार और सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक और गुंडागर्दी चरम पर है। टेरर, माफियाराज व करप्शन की प्रतीक बनी टीएमसी सरकार में भाजपा कार्यकर्ता संजय भौमिक की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी गई और तृणमूल के गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं। बंगाल में लैंड, सैंड, कैटल माफिया हावी हैं। पीएम मोदी विकास के लिए जो पैसे भेजते हैं, टीएमसी के गुंडे हड़प जाते हैं, लेकिन अब बंगाल जाग गया है। अब कटमनी, अराजकता का खेल समाप्त होगा।
टीएमसी ने किया था सीएए का विरोध-
सीएम ने मतदाताओं से कहा कि आपके हक पर घुसपैठियों से डकैती डलवाने वाली टीएमसी सरकार से मुक्ति का समय आ गया है, क्योंकि जो काम भारत और बंगाल के हित में है, टीएमसी उसका विरोध करती है। संसद में प्रधानमंत्री जी सीएए (सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट) का प्रस्ताव लेकर आए तो टीएमसी ने विरोध किया। यह एक्ट गारंटी देता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से किसी हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख को प्रताड़ित कर भारत भेजा गया है और वह पांच साल से अधिक समय से यहां रह रहा है तो उसे भारत की नागरिकता मिलेगी। इसी एक्ट के कारण बंगाल के अंदर काफी संख्या में नागरिकता दी गई, लेकिन ममता दीदी को यह बुरा लगता है। उन्हें चिंता है कि हिंदू ज्यादा होगा तो सड़कों पर इफ्तारी कैसे होगी। लेकिन, यूपी में कोई सड़क पर नमाज या इफ्तार पार्टी नहीं कर सकता। वहां मस्जिद से आवाज भी नहीं आती।
पीएम मोदी के कारण सुरक्षित महसूस कर रहा मतुआ समुदाय-
सीएम ने कहा कि यहां मतुआ समुदाय के लोग भारी संख्या में रहते हैं। 1947 व 1971 में ये भारत आए थे। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी नहीं चाहती थी कि इन्हें भारत की नागरिकता मिले, लेकिन पीएम मोदी के कारण मतुआ समुदाय गर्व के साथ आगे बढ़कर भारत के नागरिक के रूप में सुरक्षित महसूस कर रहा है।
विस्थापितों को यूपी में मिला जमीन का अधिकार-
सीएम योगी ने बताया कि मैंने बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं को 12 अप्रैल को लखीमपुर खीरी में नागरिकता व जमीन अधिकार प्रमाण पत्र दिए हैं। हमारे यहां चार जनपद ऐसे हैं, जहां मतुआ समुदाय के लोग और बांग्लादेश से विस्थापित बंगाली परिवार रहते हैं। उन सभी को सीएए के कारण नागरिकता व जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जा रहा है। यह कार्य इसलिए हो रहा है, क्योंकि पीएम मोदी ने उनके बारे में सोचा। कांग्रेस, कम्युनिस्ट व टीएमसी के पास यह सोच नहीं थी।
सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बना यूपी-
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बंगाल से भी बदतर थी। त्योहारों से पहले उत्साह नहीं, बल्कि आशंका का माहौल रहता था। युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसान आत्महत्या करते थे, दंगे और कर्फ्यू आम थे, और कानून-व्यवस्था कमजोर थी। रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी। लेकिन 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया। अब प्रदेश में उपद्रव नहीं, उत्सव का माहौल है। न कर्फ्यू है, न अराजकता। यूपी में जितने माफिया कांग्रेस, सपा ने पाले थे, उनकी हड्डी-पसली कुचलने का काम बुलडोजर ने किया। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। सड़कों पर कोई अव्यवस्था नहीं कर सकता। काशी जाएंगे तो एक नई भव्य काशी नजर आएगी और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है, जिसका कभी कांग्रेस, टीएमसी, कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी विरोध करते थे।
यूपी में 3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को मिला रोजगार-
बंगाल से यूपी की तुलना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 60 लाख युवाओं को बड़े उद्योगों में और 3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को एमएसएमई यूनिट्स के माध्यम से रोजगार मिला है। इसके विपरीत, बंगाल में टीएमसी शासन के दौरान 30 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं और उद्योग-धंधे बंद हुए हैं। जहां माफिया और भ्रष्टाचार का माहौल होता है, वहां विकास संभव नहीं होता और उद्योग भी स्थापित नहीं होते।
मां काली-मां दुर्गा की पूजा से कोई नहीं रोक सकता-
सीएम योगी ने कहा कि बंगाल में ममता दीदी दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन और हिंदुओं का विरोध करती हैं। जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध लगाती हैं। कोलकाता हाईकोर्ट को आदेश देना पड़ा था कि दुर्गापूजा की शोभायात्रा पर जो लोग सरेआम हमला कर रहे हैं, बंगाल में अव्यवस्था फैला रहे हैं, उन पर सख्ती की जानी चाहिए, परंतु तृणमूल सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि बंगाल की धरा पर मां काली-मां दुर्गा की पूजा कोई नहीं रोक सकता, ऐसा करने वालों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन होगा। बंगाल की धरती पर गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन अब कहना होगा ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’ (खेल खत्म, विकास शुरू)।
