मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री पेश किया अपना दूसरा बजट

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री पेश किया अपना दूसरा बजट

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini ) ने बतौर वित्त मंत्री अपना दूसरा बजट आज प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री सैनी ने 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। ऐसे में पिछले 11 वर्षों में प्रदेश के बजट में 1 लाख 37 हजार 658 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Singh Saini ) ने अपने इस दूसरे बजट में कृषि, सुशासन, शिक्षा पर खास फोकस करते हुए यह संकेत देने की कोशिश की है कि अगर पंजाब में भी उनकी सरकार बनती है तो भाजपा वहां भी ऐसा ही लोकलुभावन बजट पेश करेगी। पिछले वित्त वर्ष में पंजाब का बजट करीब 2 लाख 36 हजार करोड़ रुपए जबकि हरियाण का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ था।

दिलचस्प बात यह है कि पंजाब का भौगोलिक क्षेत्रफल 50 हजार 362 वर्ग किलोमीटर है जबकि हरियाणा का भौगोलिक क्षेत्रफल 44 हजार 212 वर्ग किलोमीटर है। इसी तरह से पंजाब में करीब 80 लाख हैक्टेयर जबकि हरियाणा में 37 लाख हैक्टेयर कृषि जमीन है। ऐेसे में पंजाब की तुलना में हरियाणा का बजट काफी संतुलित माना जा रहा है।

पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख पगड़ी पहनकर किया बजट प्रस्तुत

रोचक पहलू यह है कि सोमवार को मुख्यमंत्री (CM Nayab Singh Saini ) केसरिया रंग की सिख पगड़ी पहनकर बजट प्रस्तुत करने पहुंचे थे और यह हरियाणा के इतिहास में पहला मौका था जब किसी मुख्यमंत्री ने सिख पगड़ी पहनकर बजट प्रस्तुत किया है। वैसे पिछले करीब अढ़ाई माह से मुख्यमंत्री नायब सैनी लगातार पंजाब चुनाव को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।

आज प्रस्तुत किए गए बजट में मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Singh Saini ) ने हरियाणा के लोगों का दिल जीतने का प्रयास तो किया ही वहीं उन्होंने पंजाब के लोगों को भी स्पष्ट तौर पर यह संकेत देने का प्रयास किया है कि अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में यदि वहां भाजपा की सरकार बनती है तो पंजाब में भी हर वर्ग का ख्याल रखा जाएगा। इससे पहले भी मुख्यमंत्री जब-जब पंजाब जाते हैं तो सिर पर सिख समाज की ही पगड़ी पहनकर पहुंचते हैं। वे अक्सर हरियाणा में भी विभिन्न कार्यक्रमों जाते हैं तो सिर पर सिख समाज की पगड़ी पहनकर जाते हैं।

11 वर्षों में प्रदेश के बजट में 1.37 लाख करोड़ की हुई ऐतिहासिक वृद्धि

गौरतलब है कि 26 अक्तूबर 2014 को मनोहर लाल खट्टर प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM Nayab Singh Saini ) बने थे और उनके पहले कार्यकाल में नारनौंद से भाजपा के विधायक चुने गए कैप्टन अभिमन्यू को प्रदेश का वित्त मंत्री बनाया गया। बतौर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने फरवरी 2015 में 2015-16 का बजट पेश किया था जो 86 हजार करोड़ रुपए था। ऐसे में 2015-16 से लेकर 2026-27 तक बजट में 1 लाख 37 हजार 658 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। इससे पहले 2015-16 में 86 हजार करोड़ रुपए, 2016-17 में 90 हजार करोड़ रुपए एवं 2017-18 में 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपए एवं 2018-19 में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।

2019-20 में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। 2020-21 में बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल ने अपना पहला बजट प्रस्तुत किया जो 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए था। 2021-22 में 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपए, 2022-23 में 1 लाख 64 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया था। 2023-24 में बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 1 लाख 66 हजार करोड़ रुपए का जबकि 2024-25 में 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए बजट पेश किया था। ऐसे ही फरवरी 2025 में बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था। उस समय प्रदेश का बजट 2 लाख 5 हजार 17 करोड़ रुपए था।

प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर दिया जोर

गौरतलब है कि इस बजट में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने फसल विविधिकरण पर पूरा फोकस किया है। यही कारण है कि बजट में इस बार किसानों का रुझान धान की बजाय जैविक, प्राकृतिक, कपास, तिलहन की खेती की ओर से किए जाने को लेकर खास कदम उठाए गए हैं। जो भी किसान धान की बजाय कपास, दलहन एवं तिलहन की खेती करेगा, उसे 2 हजार रुपए अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। इसके साथ ही मधुमक्खी पालन को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया है। झींगा मछली पालन करने वाले किसानों को भी कई राहतें दी गई हैं।

बागवानी को लेकर 4 बड़े केंद्र प्रदेश में खोले जाने हैं। उल्लेखनीय है कि हरियाणा की पूरी अर्थव्यवस्था ही खेती पर टिकी है। प्रदेश में करीब 37 लाख खेतीहर जमीन है। पिछले कुछ दशकों से प्रदेश में धान का रकबा बढ़ रहा है और नरमा एवं देसी कपास का क्षेत्र कम हो रहा है। चिंता की बात यह है कि 2024 में 12 हजार 900 जबकि 2025 में केवल 16 हजार 500 एकड़ में ही देसी कपास की फसल थी। ऐेसे ही राज्य गठन के समय में प्रदेश में धान का रकबा 1 लाख 93 हजार हैक्टेयर था।

अब यह बढक़र 15 लाख हैक्टेयर हो गया है। यही वजह है कि भाजपा सरकार द्वारा धान की जगह दूसरी फसलें बोने वाले किसानों को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत 8 हजार रुपए प्रति एकड़ दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह से दलहन, मूंग, मोठ, बाजरा, देसी कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी इस बजट में खास प्रावधान किए गए हैं। खास पहलू यह है कि प्रदेश के प्रत्येक कोने में नहरी पानी पहुंचाने के मकसद से पहली बार बजट में सभी नहरों की लाइनिंग व मरम्मत करने का फैसला किया गया है। भाखड़ा मेन ब्रांच, सिरसा ब्रांच एवं इससे निकलने वाली नहरों की मरम्मत की जाएगी ताकि सभी किसानों को नहरी पानी मिल सके।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर किया फोकस

खास बात यह है कि इस बजट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुष् तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और ई.एस.आई. की सभी योजनाओं के प्रस्तावों के लिए वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 11,507.11 करोड़ रुपए को 21.73 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 14,007.29 करोड़ रुपए करने का प्रावधान किया गया है।

ऐसे ही वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में मौलिक शिक्षा विभाग की आवंटित राशि को 9.79 प्रतिशत से बढ़ाकर 10,855.48 करोड रुपए किया गया है तो सैकेंडरी शिक्षा विभाग की आवंटित राशि को 11.98 प्रतिशत से बढ़ाकर 7,862.41 करोड़ रुपए, उच्चतर शिक्षा विभाग की आवंटित राशि को 6.06 प्रतिशत से बढ़ाकर 4,197.38 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एथलैटिक्स ट्रैक बनाने, 21 नए खेल स्टेडियम बनाने, 400 खेल नर्सरियां खोलने की भी योजना है।