हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) सोमवार को हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने हरिसेवा आश्रम में आयोजित स्थापना दिवस समारोह एवं संत सम्मेलन में भाग लिया। कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महात्माओं के साथ कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने में संत समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों के मार्गदर्शन और सहयोग से कुंभ-2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाला कुंभ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होगा। इसके लिए सड़क, पेयजल, यातायात, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से विकसित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने हाल ही में सामने आए गुरुद्वारा विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर सिख गुरुओं का विशेष योगदान रहा है और राज्य सरकार सभी धर्मों एवं संप्रदायों का सम्मान करने की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक भावना को आहत नहीं होने दिया जाएगा तथा सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत बनाए रखा जाएगा।
संत सम्मेलन में योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा पूरे विश्व को दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि संत समाज को विश्वास है कि राज्य सरकार कुंभ-2027 को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि संत समाज सरकार के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए सहयोग करेगा। इस दौरान मध्य प्रदेश के सरकार के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान कई संत-महात्मा व सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
संत सम्मेलन में शामिल हुए धामी, कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने का संकल्प
