चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी (Maa Katyayani ) को समर्पित है, जो साहस और विजय की देवी मानी जाती हैं। इस साल मां कात्यायनी की पूजा 24 मार्च 2026 को की जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा। मान्यता है कि जो भक्त सच्ची श्रद्धा से नवरात्रि में मां की उपासना करते हैं, उनके जीवन से डर और बाधाएं दूर हो जाती हैं। विशेषकर विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए मां कात्यायनी की पूजा अचूक मानी जाती है।
पूजा का शुभ मुहूर्त और आरती का समय
24 मार्च को मां कात्यायनी (Maa Katyayani ) की पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम है। सूर्योदय के साथ ही भक्त अपनी साधना शुरू कर सकते हैं।
सुबह का शुभ समय: सुबह 06:21 से प्रातः 08:30 तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 PM से 12:52 PM तक (यह समय विशेष संकल्पों के लिए श्रेष्ठ है)।
आरती का समय: शाम को सूर्यास्त के समय, यानी लगभग शाम 06:30 के आसपास मां की आरती करना बहुत ही फलदायी होता है।
कैसे करें मां कात्यायनी (Maa Katyayani ) की पूजा?
मां कात्यायनी को पीला और लाल रंग बहुत प्रिय हैं। पूजा शुरू करने से पहले स्नान कर साफ और संभव हो तो पीले वस्त्र धारण करें। सबसे पहले कलश देवता और गणेश जी का ध्यान करें, फिर मां की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। मां को पीले फूल, पीली चूड़ियां और हल्दी की गांठें अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन मां को शहद का भोग जरूर लगाएं, क्योंकि यह उनका सबसे प्रिय भोग है। पूजा के दौरान पूरी श्रद्धा से आरती करें और भगवान का आभार व्यक्त करें। यह संयम और नियम आपके जीवन के सही संचालन में मदद करते हैं।
मंत्र और मानसिक शांति
मां कात्यायनी (Maa Katyayani ) की पूजा के समय “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः” मंत्र का जाप करना मन को एकाग्र करता है। जो कन्याएं अपने विवाह के लिए प्रार्थना कर रही हैं, उनके लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। भक्ति के इन क्षणों में खुद को मां के चरणों में समर्पित कर दें, इससे घर के क्लेश दूर होते हैं और समृद्धि का वास होता है। जब आप सात्विक भाव से पूजा करते हैं, तो मानसिक शांति अपने आप मिलने लगती है।
भगवान को धन्यवाद दें कि उन्होंने आपको इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनाया। मां कात्यायनी का आशीर्वाद आपके साहस को बढ़ाए और आपके जीवन को खुशियों से भर दें।
Chaitra Navratri छठा दिन: आज करें मां कात्यायनी की पूजा, विवाह की बाधाएं होंगी दूर
