लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समावेशी विकास के विजन की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA ) के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए 23,590 एकड़ भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने कुल 56,662 एकड़ भूमि को औद्योगिक विकास के लिए औपचारिक रूप से अनुमोदित कर दिया है। यह फैसला केवल भूमि अधिग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प की नींव के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि वर्षों से पिछड़े माने जाने वाले इस क्षेत्र को निवेश, रोजगार और औद्योगिक अवसरों का नया केंद्र बनाया जाए।
बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने की ठोस रणनीति-
योगी सरकार का लक्ष्य बुंदेलखंड को केवल कच्चे संसाधनों का क्षेत्र न रखकर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन का मजबूत हब बनाने का है। बीडा (BIDA) क्षेत्र में भारी उद्योग, रक्षा उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई और सहायक इकाइयों के लिए एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके तहत सड़क, बिजली, जलापूर्ति, औद्योगिक प्लॉट्स, वेयरहाउसिंग और कनेक्टिविटी जैसी आधारभूत संरचनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि निवेशकों को “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” का वास्तविक अनुभव मिल सके।
₹600 करोड़ का निवेश करेगी बीईएमएल, रक्षा व भारी उद्योग को बढ़ावा-
इस औद्योगिक पहल का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) ने बीडा क्षेत्र में लगभग ₹600 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस निवेश के तहत भारी मशीनरी, रक्षा उपकरण और औद्योगिक उत्पादों के निर्माण की इकाइयां स्थापित की जाएंगी। सरकारी आकलन के अनुसार, इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
100 एकड़ में बनेगा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क-
बीडा (BIDA) क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए 100 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का निर्माण कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर) द्वारा किया जाएगा। यह लॉजिस्टिक्स पार्क सड़क और रेल नेटवर्क को जोड़ते हुए माल परिवहन को सुगम बनाएगा, जिससे उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और निर्यात क्षमता में भी इजाफा होगा।
एमएसएमई, स्टार्टअप और स्थानीय उद्योगों को बड़ा फायदा-
बीडा (BIDA) परियोजना का लाभ केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का फोकस एमएसएमई, स्टार्टअप्स और सहायक उद्योगों को भी इस औद्योगिक विस्तार से जोड़ने पर है। इससे स्थानीय उद्यमियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और बुंदेलखंड में स्थायी आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भर बुंदेलखंड की दिशा में बड़ा कदम-
राज्य सरकार का मानना है कि बीडा (BIDA) परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र में हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। बेहतर औद्योगिक वातावरण से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और बुंदेलखंड को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। योगी सरकार का यह कदम न केवल औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगा, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म कर समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा।
