अंबेडकर जयंती पर दिखा सियासत का सौहार्द, मोदी-खरगे के बीच मुस्कुराहट भरा पल

अंबेडकर जयंती पर दिखा सियासत का सौहार्द, मोदी-खरगे के बीच मुस्कुराहट भरा पल

संसद भवन परिसर के ‘प्रेरणा स्थल’ पर मंगलवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ((PM Modi) ) और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच कुछ हल्के-फुल्के और दोस्ताना पल कैमरे में कैद हुए। राजनीतिक मतभेदों को किनारे रख दोनों दिग्गज नेता न केवल मुस्कुराते हुए मिले, बल्कि उनके बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने कार्यक्रम के माहौल को काफी सकारात्मक बना दिया। डॉ. अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित करने के दौरान हुई इस मुलाकात की चर्चा अब चारों ओर हो रही है।
यह पहला मौका नहीं है जब हाल के दिनों में संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ऐसी सहजता दिखी हो। इससे पहले महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर भी प्रधानमंत्री मोदी और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच इसी तरह की आत्मीयता देखने को मिली थी।
उस दौरान जब प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने वहां मौजूद राहुल गांधी, स्पीकर ओम बिरला और जेपी नड्डा का हाथ जोड़कर अभिवादन किया था। वीडियो में साफ देखा गया था कि पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच कुछ पलों के लिए हल्के मूड में चर्चा हुई थी, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसरों पर नेताओं का इस तरह का मेल-मिलाप एक स्वस्थ परंपरा का परिचायक है।
प्रेरणा स्थल पर बाबा साहेब और ज्योतिराव फुले जैसे महापुरुषों को याद करने के दौरान प्रधानमंत्री की खरगे और राहुल गांधी के साथ ये तस्वीरें संदेश देती हैं कि चुनावी प्रतिद्वंद्विता अपनी जगह है और शिष्टाचार व देश की साझा विरासत का सम्मान अपनी जगह। संसद के गलियारों से निकली ये तस्वीरें देश की राजनीतिक संस्कृति में एक नई ऊर्जा और सौहार्द का प्रतीक बनकर उभरी हैं।