SGPGI में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती में सामने आया बड़ा खेल

SGPGI में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती में सामने आया बड़ा खेल

लखनऊ। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे चिकित्सा विभाग और संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में चिकित्सक भर्ती में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिना पहली भर्ती प्रक्रिया पूरी किये ही नई-नई रिक्तियां प्रकाशित करवाने सम्बन्धी शिकायत जनसुनवाई के माध्यम से की गई, जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।

प्रदेश के लगभग सभी अस्पतालों में डॉक्टर्स खासकर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की हमेशा से ही कमी रही है, जिसके चलते अक्सर इलाज और सर्जरी वाले मरीजों को लम्बी प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इसी कमी को दूर करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने जुलाई 2025 में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती को मंजूरी दी थी।

सरकार के इस फैसले के बाद संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल साइंसेज (SGPGI) ने अगस्त 2025 में 218 रेगुलर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती का विज्ञापन (I/20/ER/ACAD/2025-2026 ) जारी किया। संस्थान के तत्कालीन निदेशक डॉ. आर. के. धीमान ने दो महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की घोषणा की थी। नवंबर 2025 में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से ये बताया गया कि उक्त रिक्तियों के लिए कैंडिडेट्स की स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग पूरी कर ली गई है।

कैंडिडेट्स आगे की प्रक्रिया का इंतज़ार कर ही रहे थे कि उसी बीच इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डालते हुए संस्थान ने जनवरी 2026 में बैकलॉग रिक्तियों को भरे जाने का विज्ञापन (I/47/ER/ACAD/2025-2026) प्रकाशित करवा दिया। इस नए विज्ञापन से तमाम कैंडिडेट्स के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी। इसमें सामान्य और आरक्षित दोनों श्रेणी के उम्मीदवारों की मुश्किल बढ़ गई है।

अभी उम्मीदवारों के उक्त भ्रम का समाधान निकला भी नहीं था कि उसी बीच संस्थान की तरफ से एक और विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें कुछ और नई भर्तियां निकालने की बात कही गई। हैरानी की बात है कि चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा चिकित्सा विभाग और संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल साइंसेज (SGPGI) पहली भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की जगह नई-नई रिक्तियां निकालने में लगा है। फ़िलहाल मामले की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से सरकार तक पहुंची है, जिससे उम्मीदवारों में नई उम्मीद जगी है।