चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस ने यहां सेक्टर-11 स्थित कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास हत्याकांड की जांच में कई अहम खुलासे किये हैं।
पुलिस अधीक्षक अनुराग ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार चार आरोपियों का पाकिस्तान से जुड़े एक संगठित नेटवर्क से संबंध सामने आया है। यह मॉड्यूल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले नशीले पदार्थ, हथियार और नकली भारतीय मुद्रा की खेप पंजाब सीमा से उठाकर आगे पहुंचाने का काम करता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी हैंडलरों के संपर्क में रहने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश कपूरथला जेल में बंद गैंगस्टर धर्मेंद्र उर्फ गोली ने रची थी। उसे प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड हासिल कर आगे पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में धर्मेंद्र के गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से संबंध होने की बात भी सामने आयी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने तरनतारन से करीब आठ लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी और तीन किलो ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथ) भी बरामद की है। जांच के अनुसार, हत्या में इस्तेमाल की गई जिगाना पिस्तौल, नकली नोट और नशीला पदार्थ पाकिस्तान से ही नेटवर्क के जरिए भारत पहुंचाये गये थे।
पूछताछ में गुरमीत उर्फ बादशाह ने बताया कि जेल में बंद धर्मेंद्र फोन पर लगातार निर्देश देता था। उसने ही जिगाना पिस्तौल की व्यवस्था, शूटरों के ठहरने, कपड़े, बाइक और पैसों के इंतजाम के निर्देश दिये थे।
पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे एक गैंगस्टर ने धर्मेंद्र को जम्मू-कश्मीर निवासी अमित का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था, जिसके जरिए तरनतारन के रास्ते जिगाना पिस्तौल उपलब्ध करायी गयी। इसी हथियार का इस्तेमाल जानकी दास की हत्या में किया गया।
पुलिस ने अब तक जांच के दौरान में मनी, गुरमीत उर्फ बादशाह, सचिन और सिलवेस्टर को गिरफ्तार किया है। इन पर हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने तथा उन्हें आरोपियों तक पहुंचाने का आरोप है। पुलिस अब विदेश में बैठे मास्टरमाइंड, उसके नेटवर्क, फंडिंग और हत्या के पीछे की साजिश की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद नकली नोट और क्रिस्टल मेथ किसे और कहां पहुंचाई जानी थी।
पूछताछ में धर्मेंद्र उर्फ गोली ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े होने की बात भी स्वीकार की है। इसके बाद पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों, फंडिंग नेटवर्क और पूरे मॉड्यूल की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।
