नई दिल्ली, 2 जुलाई। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि देश में बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं में हो रहे कथित भ्रष्टाचार की वजह से जनता की संपत्ति और पब्लिक एसेट्स बर्बाद हो रहे हैं। पार्टी ने हाल ही में निर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) की वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया है। कांग्रेस का दावा है कि गत 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित इस एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के महज दो महीने के भीतर ही बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं।
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। लेकिन सिर्फ दो महीने बाद ही, 12,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और सरकारी फंड का गबन किया गया है।” पार्टी ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की हालत लगातार खराब हो रही है और यह सरकार देश तथा देशवासियों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है।
विपक्ष ने इस समस्या को व्यापक बताते हुए कहा कि यह कोई अकेली या पहली घटना नहीं है। देश भर में चाहे पुल हों या सड़कें, हाईवे हों या पानी की टंकियां, रेलवे स्टेशन हों या फिर एयरपोर्ट की छतें—हर जगह नवनिर्मित इंफ्रास्ट्रक्चर समय से पहले ढह रहा है या खराब हो रहा है। कांग्रेस के अनुसार, इन सभी मामलों के पीछे घटिया निर्माण सामग्री और प्रशासनिक स्तर पर बरती गई घोर लापरवाही जिम्मेदार है।
पार्टी ने प्रोजेक्ट के विवरण को साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को जिस दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, उसे उत्तराखंड और आसपास के व्यापक क्षेत्रों के विकास में एक मील का पत्थर माना जा रहा था। यह 213 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है। इस एक्सप्रेसवे को वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि इंसानों और जानवरों के बीच टकराव को न्यूनतम किया जा सके।
गौरतलब है कि उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री ने इस कॉरिडोर के आर्थिक फायदों को रेखांकित करते हुए कहा था कि इससे यात्रियों के सफर के समय और दूरी में भारी कमी आएगी, जिससे ईंधन की बचत होगी और माल ढुलाई की लागत घटेगी। पीएम मोदी ने तब कहा था कि यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के विकास के लिए नए रास्ते खोलेगा। हालांकि, मॉनसून की शुरुआती बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की सड़कों पर आए इन गड्ढों को लेकर अब विपक्षी दल ने सरकार की विकास नीतियों और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
