दंगाइयों के मुकदमे वापस लेने का प्रयास करती थी सपा सरकार: सीएम योगी

दंगाइयों के मुकदमे वापस लेने का प्रयास करती थी सपा सरकार: सीएम योगी

सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़ व मथुरा दंगों और कर्फ्यू की आग में झुलसते थे। कैराना व कांधला से पलायन की स्थिति थी, बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे। तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार दंगाइयों और उपद्रवियों के मुकदमे वापस लेने का कुत्सित प्रयास करती थी। लेकिन डबल इंजन सरकार ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया और हाल में मुरादाबाद के उपद्रवियों को कड़ी सजा भी दिलवाई है। अब उत्तर प्रदेश में दंगे नहीं होते, बल्कि विकास की योजनाएं धरातल पर उतरती हैं।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) बुधवार को सहारनपुर नगर एवं सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹620 करोड़ से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विपरीत मौसम व बारिश की चुनौतियों के बावजूद कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों, किसानों, मातृशक्ति व स्थानीय जनप्रतिनिधियों का हृदय से आभार व अभिनंदन किया। सीएम ने जनपदवासियों को विकास की इन सौगातों के लिए बधाई भी दी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं-

सीएम ने कहा कि जाति व क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले लोग आपको कमजोर कर रहे हैं। इनके बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं। वे कभी मां शाकंभरी के दर्शन करने के लिए नहीं गए। वे काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन, श्रीराम मंदिर का विरोध कर रहे थे। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में कह दिया कि भगवान राम व श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले  आस्था पर उपदेश दे रहे हैं! आस्था के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार नहीं है, जो अपराधी होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

वैश्विक पटल पर चमक रही अयोध्या-

सीएम ने कहा कि कभी संकरी गलियों व अव्यवस्था की पहचान बन चुकी अयोध्या में आज चारों ओर से फोर लेन कनेक्टिविटी है। ब्रॉडगेज की डबल लाइन, इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका मिला, लेकिन उसने अयोध्या धाम के लिए कुछ नहीं किया। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में अयोध्या धाम त्रेतायुग की दिव्यता व भव्यता के साथ वैश्विक पटल पर चमक रहा है। संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि व बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुषों की विरोधी समाजवादी पार्टी व कांग्रेस ने सिर्फ अपने परिवार का नाम आगे बढ़ाने का काम किया। 

2017 से पहले दंगा-पलायन थी पहचान-

सीएम योगी कहा कि 2017 से पहले दंगा, कर्फ्यू हमारी नियति बन गई थी। कैराना व कांधला से पलायन होता था। ये सभी क्षेत्र हिंदू विहीन कर दिए गए थे। बेटी व व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। कानून-व्यवस्था तहस नहस हो चुकी थी। 2011 में मुरादाबाद में डीआईजी पर हमला किया गया। उपद्रवी उन्हें मरा हुआ समझ छोड़कर चले गए। सपा सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके केस वापस लेने का कुत्सित प्रयास कर रही थी। हमारी सरकार ने उन सभी उपद्रवियों को सजा दिलाई। मजबूत कानून-व्यवस्था अब यूपी की नई पहचान है।

कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था पैसा-

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उनकी आस्था तब कहां थी जब कांवड़ यात्राओं, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा के पंडालों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे और विकास का पैसा या तो सपा के गुर्गों द्वारा खा लिया जाता था या कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में खर्च हो जाता था। आज वही पैसा मां शाकंभरी कॉरिडोर, इकोनॉमिक कॉरिडोर, फोर व टू लेन सड़क, पुल, विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, सरसावा में सिविल टर्मिनल निर्माण, रनवे की लंबाई बढ़ाने और वुड कार्विंग के कारीगरों का जीवन स्तर उठाने में खर्च हो रहा है। यह दृष्टिकोण का अंतर है। सपा को केवल सैफई की चिंता होती थी, जबकि डबल इंजन सरकार सभी 75 जनपदों, 1,07,000 गांवों, 57,000 ग्राम पंचायतों, 825 विकास खंडों, 12,000 वार्डों और 762 नगर निकायों की चिंता करती है।

कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर से अर्थव्यवस्था को नई उड़ान-

सहारनपुर की बदलती तस्वीर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ₹12,000 करोड़ की लागत से बने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (ग्रीन फील्ड कॉरिडोर) का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली व सहारनपुर के बीच की दूरी महज डेढ़ घंटे की रह गई है। अब सहारनपुर एयर कनेक्टिविटी के लिए भी पूरी तरह तैयार हो रहा है। सरसावा में सिविल टर्मिनल के निर्माण और रनवे के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे जल्द ही सहारनपुर का अपना चालू एयरपोर्ट होगा और यहां के नागरिकों को दिल्ली या देहरादून जाने की बाध्यता नहीं रहेगी।

 मां शाकंभरी देवी का भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर-

धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मां शाकंभरी देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए एक भव्य एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है। पिछले दिनों शिवालिक की पहाड़ियों में अचानक हुई भारी वर्षा के दौरान प्रशासनिक मुस्तैदी और समय पर जारी अलर्ट के कारण जन-धन की हानि रोकने में सफलता मिली थी। भविष्य में मौसम चाहे कैसा भी हो, श्रद्धालुओं का आवागमन बाधित न हो, इसके लिए एलिवेटेड कॉरिडोर और बेहतरीन फैसिलिटेशन सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जो पहले की सरकारों के लिए सपना था। सहारनपुर के कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी वुड कार्विंग की परंपरा को जीवित रखा। यहां से 600 करोड़ रुपये से अधिक के वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात किया गया है।

सहारनपुर में सुनिश्चित किया चौतरफा विकास-

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहरानपुर का अपना मेडिकल कॉलेज भी बन गया है। इसके प्रथम चरण का काम पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के लिए आज आधारशिला रखी जा रही है। पेयजल की शुद्ध व्यवस्था के साथ ही एसटीपी का काम शुरू किया जा रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार और आधी आबादी को सुरक्षा व स्वावलंबन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकारी नौकरियों और पुलिस भर्ती के नियुक्ति पत्र वितरण में स्थानीय युवाओं को भी बिना किसी सिफारिश के पूर्ण पारदर्शिता के साथ उनका हक मिल रहा है।

 इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, लोक निर्माण मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, सहारनपुर नगर विधायक राजीव गुंबर, महापौर डॉ. अजय सिंह, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, गंगोह विधायक किरत सिंह, रामपुर मनिहारन विधायक देवेन्द्र कुमार निम, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, यूपी सिडको अध्यक्ष वाईपी सिंह, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी आदि उपस्थित रहे।