कुछ सेकंड में तबाह हुए शहर! वेनेजुएला में भूकंप ने मचाई तबाही

कुछ सेकंड में तबाह हुए शहर! वेनेजुएला में भूकंप ने मचाई तबाही

वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के तेज झटकों ने कई शहरों की तस्वीर बदल दी। कई इमारतें पलभर में जमींदोज हो गईं, जबकि हजारों लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। हर तरफ मलबा, चीख-पुकार और अपनों की तलाश में भटकते लोगों का दर्दनाक मंजर देखने को मिल रहा है। राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं।
1. इमारतें बनीं मलबे का ढेर
राजधानी काराकस के लॉस पालोस ग्रांडेस इलाके में कई बहुमंजिला इमारतें भूकंप की चपेट में आकर ढह गईं। कई जगहों पर सिर्फ मलबा ही दिखाई दे रहा है। प्रशासन अभी नुकसान का पूरा आकलन करने में जुटा है।
भूकंप के बाद कई इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जहां कभी ऊंची-ऊंची इमारतें थीं, वहां अब टूटे कंक्रीट और धूल के ढेर नजर आ रहे हैं।

भूकंप के बाद लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। आफ्टरशॉक के डर से बड़ी संख्या में लोग सड़कों और खुले मैदानों में इंतजार करते दिखाई दिए।
काराकस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी भूकंप का असर देखने को मिला। झटकों के दौरान यात्रियों में भगदड़ मच गई और एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई।

रातभर चलता रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
अंधेरा होने के बावजूद बचाव कार्य नहीं रुका। फ्लडलाइट्स की रोशनी में रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाकर लोगों को खोजने का अभियान जारी रखा। भूकंप के बाद विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है। गैस लाइन और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचने से आग लगने की आशंका भी जताई जा रही है।
मलबे से जिंदा निकले लोग
कई घंटों की मशक्कत के बाद बचावकर्मियों ने कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। रेस्क्यू टीमों के साथ स्थानीय लोग भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीद और चिंता दोनों बढ़ती जा रही हैं।
बेजुबानों को भी बचाया गया
बचाव अभियान के दौरान कई पालतू जानवरों को भी सुरक्षित निकाला गया। एक तस्वीर में दमकल कर्मी मलबे से निकाले गए कुत्ते को गोद में लेकर जाते नजर आए। आपदा के बाद कई परिवार पूरी तरह टूट चुके हैं। ऐसे में लोग एक-दूसरे का सहारा बनते दिखाई दिए। कहीं कोई रोते हुए परिजनों को संभाल रहा था तो कहीं बच्चे डरे-सहमे अपने परिवार के साथ खड़े नजर आए।