उत्तराखंड में फायर सेफ्टी पर धामी सख्त, अस्पतालों-कोचिंग सेंटरों समेत सभी बड़े संस्थानों का होगा ऑडिट

उत्तराखंड में फायर सेफ्टी पर धामी सख्त, अस्पतालों-कोचिंग सेंटरों समेत सभी बड़े संस्थानों का होगा ऑडिट

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अग्नि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में ऐसे सभी संस्थानों की पहचान की जाए जहां अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों को तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान विशेष रूप से अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों की गहन जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा केवल औपचारिकता न बनकर जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई में बदलनी चाहिए।

धामी (CM Dhami) ने यह भी निर्देशित किया कि उत्तराखंड फायर सर्विस, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए तय समयसीमा के भीतर ऑडिट प्रक्रिया पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री का यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक स्थानों और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। राज्य सरकार अब स्पष्ट संकेत दे रही है कि उत्तराखंड में जनसुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की चूक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट अध्यक्ष नरेन्द्रजीत बिंद्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।