राम मंदिर चढ़ावा चोरी का राज आज खुलेगा? CM को सौंपेगी SIT रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का राज आज खुलेगा? CM को सौंपेगी SIT रिपोर्ट

एसआईटी (SIT) राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Temple Donation Theft) मामले की अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। छह दिनों तक अयोध्या में डेरा डालकर गहन छानबीन करने के बाद एसआईटी ने तमाम अहम साक्ष्य और गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। मुख्यमंत्री को यह रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि मामले की तह तक जाने और विस्तृत जांच पूरी करने के लिए एसआईटी को दो से तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय और दिया जा सकता है।
गौरतलब है कि छह जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Temple Donation Theft) होने का यह बड़ा मामला उजागर हुआ था, जिसके बाद शासन ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। इस विशेष टीम में शामिल लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज की आईजी किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन तुरंत अयोध्या पहुंचे थे। टीम ने छह दिनों तक हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश की और डेढ़ सौ से अधिक पन्नों की एक विस्तृत प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है। शनिवार देर शाम ही एसआईटी लखनऊ वापस लौट आई थी। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि यह रिपोर्ट रविवार को ही सौंप दी जाएगी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक एसआईटी सोमवार को मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें इस रिपोर्ट से ब्रीफ करेगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने अपनी इस रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी से जुड़े कई पुख्ता सबूत शामिल किए हैं, जिनमें गवाहों के बयान बेहद महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्ट में न सिर्फ चोरी बल्कि मंदिर प्रबंधन की भारी लापरवाही के साक्ष्य भी दर्ज किए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस खेल में कई पदाधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है। इसके साथ ही पूरी व्यवस्था को ताक पर रखकर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका को भी रिपोर्ट में प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। एसआईटी ने चोरी में सीधे तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मजबूत संस्तुति की है।
जांच में यह बात भी खुलकर सामने आई है कि मंदिर प्रबंधन की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी थी, जिसका फायदा उठाकर जिम्मेदार लोग बेखबर रहे और यह गड़बड़ी चलती रही। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का विशेष जिक्र किया है कि तय गाइडलाइंस और नियम-कायदों का पालन बिल्कुल नहीं किया गया। प्रबंधन की यह बड़ी लापरवाही आने वाले दिनों में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले निर्देशों के बाद ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया जाएगा।