दिल्ली-NCR में मौसम का रौद्र रूप, 128 KM/घंटा की रफ्तार से चली हवा

दिल्ली-NCR में मौसम का रौद्र रूप, 128 KM/घंटा की रफ्तार से चली हवा

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में मंगलवार शाम आए एक प्रलयंकारी और धूल भरे तूफान (Storm) ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। भीषण आंधी-तूफान के साथ आसमान में कड़कती बिजली और अचानक हुई बारिश ने लोगों को दहला कर रख दिया। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के पालम मौसम केंद्र पर हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिसने पिछले 24 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले साल 2001 में ठीक इतनी ही तीव्र गति से हवाएं चली थीं।
शून्य पर पहुंची विजिबिलिटी और 24 साल का टूटा रिकॉर्ड
मंगलवार की शाम करीब 6:50 बजे अचानक शुरू हुए इस तूफान (Storm) ने चंद मिनटों में पूरे आसमान को धूल की मोटी चादर से ढक दिया। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता (Visibility) घटकर लगभग शून्य हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पालम में दर्ज की गई 120 किमी/घंटे की रफ्तार साल 2001 के बाद सबसे अधिक है; इससे पहले 4 जून 2001 को पालम में इतनी ही विनाशकारी हवा चली थी। दिल्ली के अन्य इलाकों में भी हवा का रौद्र रूप दिखा, जिसमें पूसा में 80 किमी/घंटा, सफदरजंग में 64 किमी/घंटा, जाफरपुर में 59 किमी/घंटा और छतरपुर में 56 किमी/घंटा की गति से आंधी चली।
टिन शेड की चपेट में आने से छात्र की मौत और हवाई सेवाएं ठप
इस भीषण आंधी-तूफान ने हरियाणा के नूंह जिले में एक दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया, जहां तेज हवाओं के कारण उड़कर आई एक टिन की चादर एक 18 वर्षीय छात्र के गले में जा लगी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं, खराब मौसम का सबसे बड़ा असर हवाई यातायात पर पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण 400 से अधिक उड़ानों के संचालन में देरी हुई, जबकि कम से कम दो विमानों का रूट डायवर्ट (मार्ग परिवर्तन) करना पड़ा। तूफान से ठीक पहले दिल्ली का पारा 44 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका था और उमस के कारण रियल फील (गर्मी का अहसास) 45 से 87 डिग्री तक पहुंच रहा था।
आखिर क्यों आया ऐसा अचानक तूफान?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस अचानक आए मौसमी बदलाव के पीछे के तकनीकी कारणों को स्पष्ट किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह भयंकर स्थिति पड़ोसी देश पाकिस्तान और राजस्थान के वायुमंडल के ऊपर बने एक मजबूत ‘चक्रवाती परिसंचरण’ (Cyclonic Circulation) और वहां से लेकर दिल्ली तक फैली एक ‘मौसमीय रेखा’ (Weather Trough) के आपस में मिलने के कारण पैदा हुई। इस ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में अचानक तीव्र आंधी और गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि व प्री-मानसून की स्थिति बनी।
अगले कुछ दिनों का मौसम: गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के राज्यों के लिए एक बड़ी और राहत भरी भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्री-मानसून की गतिविधियां और ज्यादा तीव्र हो जाएंगी। 10 से 14 जून के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। सबसे अच्छी खबर यह है कि १२ जून के बाद इन सभी राज्यों में भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप खत्म हो जाएगा और तापमान में सीधे 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को जानलेवा गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।