उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के परियल गांव में सोमवार को सरकारी निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी (SDM) सुशील कुमार मिश्रा पर ग्रामीणों द्वारा अचानक हमला और पथराव किए जाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस हिंसक घटना में एसडीएम के सिर में गहरी चोट आई है और उनका सरकारी वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब SDM सुशील कुमार मिश्रा गर्रा नदी के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों का जमीनी निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां का जायजा लेने के बाद लौटते समय उन्होंने परियल गांव में संचालित अन्नपूर्णा राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया, जहां जांच के दौरान अधिकारियों को बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिलीं। इसके साथ ही कोटे के इस वितरण केंद्र के भीतर नियमों के खिलाफ अवैध रूप से एक परचून (किराना) की दुकान भी संचालित होती पाई गई, जिस पर प्रशासनिक टीम ने कड़ी आपत्ति जताई।
निरीक्षण की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद उदयवीर नामक व्यक्ति और जांच करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस और कहासुनी हो गई। प्रशासन का आरोप है कि उदयवीर ने ड्यूटी पर तैनात लोकसेवकों के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया, और जब पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया तो उसने शोर मचाकर अपने समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते वहां लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस ग्रामीणों की एक भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही एसडीएम का काफिला कार्रवाई पूरी कर गांव से बाहर निकलने लगा, तभी उग्र ग्रामीणों ने सरकारी वाहनों को चारों तरफ से घेरकर उन पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। इसी भारी पथराव के बीच एक बड़ा पत्थर सीधे एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा के सिर पर जा लगा, जिससे वे बुरी तरह लहूलुहान हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से निकाला और तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनके सिर में करीब ढाई सेंटीमीटर गहरा घाव हुआ था, जिसे ठीक करने के लिए सिर में पांच टांके लगाने पड़े। उपचार के बाद उनकी स्थिति अब पूरी तरह स्थिर बताई गई है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
हरदोई के जिला अधिकारी अनुनय झा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और प्रशासनिक अधिकारी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मुख्य दोषियों और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त एफआईआर दर्ज की जा रही है। वहीं, गांव में दोबारा कोई विवाद न हो और शांति व्यवस्था कायम रहे, इसके लिए हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के नेतृत्व में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हरदोई में बड़ा बवाल! ग्रामीणों के हमले में SDM का फटा सिर, लगे 5 टांके
