‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, CJP फाउंडर ने की ये खास अपील

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, CJP फाउंडर ने की ये खास अपील

नीट (NEET) पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) (Cockroach Janata Party) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है। इससे पहले, इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले पर तय समय के अनुसार ही सुनवाई होगी। हाई कोर्ट के इस रुख के बाद प्रदर्शन के रास्ते की सभी कानूनी बाधाएं दूर हो गई हैं। CJP ने प्रदर्शन की अनुमति की मांग को लेकर शनिवार सुबह 9 बजे अपने समर्थकों से संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्र होने की अपील की थी।
CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने की ये खास अपील
इस आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janata Party) के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे हैं, जो शनिवार सुबह ही अमेरिका के बोस्टन से नई दिल्ली पहुंचे हैं। भारत भूमि पर उतरते ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने समर्थकों से अपने साथ एक किताब और राष्ट्रध्वज ‘तिरंगा’ लेकर जंतर-मंतर पहुंचने का आग्रह किया। अभिजीत दिपके ने कार्यकर्ताओं से बेहद शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने की अपील करते हुए लिखा:
“लैंडिंग हो गई. जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का बेसब्री से इंतजार है. किताब और हमारा तिरंगा लाना न भूलें! सहानुभूति और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पुलिसकर्मियों को फूल भेंट करें. हमें इस आंदोलन का नेतृत्व प्रेम और शांति के साथ करना है!”
इस प्रदर्शन के जरिए CJP (Cockroach Janata Party) मुख्य रूप से नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इससे पहले, विख्यात शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा था कि यदि 5 जून तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।
12 जोन में बंटी सेंट्रल दिल्ली, 1000 से अधिक जवान तैनात
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली क्षेत्र में 1,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल दिल्ली को 12 विशेष जोन में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन की कमान सीधे एक डीसीपी (DCP) रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। सभी जिला और यूनिट डीसीपी को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों द्वारा मंत्रियों के घेराव की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित अन्य कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवासों के बाहर सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने अपने जवानों को सख्त हिदायत दी है कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी सीधे टकराव से बचें और बातचीत व सूझबूझ के जरिए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में और शांत बनाए रखें। इस बड़े प्रदर्शन के कारण लुटियंस दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई रूटों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।