असम की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहाँ डॉ. हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री विशेष रूप से मौजूद रहे, जो इस आयोजन की महत्ता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री (Himanta Biswa Sarma) के साथ चार अन्य वरिष्ठ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें अनुभवी नेताओं और क्षेत्रीय सहयोगियों का संतुलन देखने को मिला। शपथ लेने वाले मंत्रियों में रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग शामिल हैं। अतुल बोरा असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं, जबकि चरण बोरो बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) का प्रतिनिधित्व करते हैं; ये दोनों नेता पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। अजंता नियोग भी निवर्तमान कैबिनेट का हिस्सा थीं, वहीं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने 2026 के विधानसभा चुनाव के साथ राज्य की सक्रिय राजनीति में वापसी की है।
शपथ ग्रहण के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने राज्य के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि विधायक रंजीत दास असम विधानसभा के अगले अध्यक्ष (स्पीकर) के लिए सत्तापक्ष के उम्मीदवार होंगे।
मुख्यमंत्री (Himanta Biswa Sarma) ने नवनियुक्त मंत्रियों और प्रस्तावित अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार एक मजबूत, विकसित और समृद्ध असम के निर्माण के लिए पूरी लगन के साथ काम करेगी। इस नई कैबिनेट के गठन के साथ ही असम में अगले पांच वर्षों के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रोडमैप तैयार हो गया है।
गुवाहाटी में गूंजा ‘जय आई अहोम’: हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार ली सीएम पद की शपथ
