तमिलनाडु में विजय युग की शुरुआत, 9 मंत्रियों ने ली शपथ

तमिलनाडु में विजय युग की शुरुआत, 9 मंत्रियों ने ली शपथ

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ( Vijay) ने रविवार को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विजय (Vijay) समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा रही। समर्थक पार्टी के झंडे और पोस्टर लेकर पहुंचे थे। विजय (Vijay) ने तमिल भाषा में शपथ ली और पहली बार विधायक बनने के साथ ही सीधे मुख्यमंत्री पद तक पहुंच गए।
पहले ही चुनाव में बनाई सरकार
टीवीके ने इस बार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था और शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें जीत लीं। इसके बाद कांग्रेस, माकपा, भाकपा, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। गठबंधन के कुल विधायकों की संख्या 121 पहुंच गई, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत थी।
पिछले एक सप्ताह से सरकार गठन को लेकर लगातार बैठकों और मंथन का दौर चल रहा था। सहयोगी दलों से बातचीत के बाद राज्यपाल ने विजय (Vijay) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद उन्होंने सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
पहले मंत्रिमंडल में 9 मंत्री शामिल
विजय (Vijay) के साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस. कीर्तना को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। खास बात यह रही कि पहले मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को शामिल नहीं किया गया और सभी मंत्री टीवीके से बनाए गए।
कैबिनेट में सेल्वी एस. कीर्तना अकेली महिला मंत्री हैं। वह शिवकाशी सीट से विधायक हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में जुड़ी रही हैं।
शपथ के दौरान दिखा दिलचस्प पल
शपथ ग्रहण के दौरान एक हल्का दिलचस्प पल भी देखने को मिला। विजय तय शब्दों से आगे कुछ और बोलने लगे, जिस पर राज्यपाल ने उन्हें बीच में रोकते हुए केवल लिखे हुए शब्द पढ़ने के लिए कहा। इसके बाद विजय मुस्कुराए और दोबारा शपथ पूरी की।
तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव
राजनीतिक जानकार इस बदलाव को ऐतिहासिक मान रहे हैं। वर्ष 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में किसी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री बना है। पिछले करीब छह दशकों से राज्य की राजनीति द्रमुक और अन्नाद्रमुक के इर्द-गिर्द ही घूमती रही थी, लेकिन इस चुनाव में टीवीके ने दोनों पारंपरिक दलों को बड़ा झटका दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं के बीच विजय की लोकप्रियता और नए नेतृत्व की छवि उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।