जापान में सोमवार को भूकंप (Earthquake) के जोरदार झटके मसहूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई भूकंप की तीव्रता। प्रशासन ने खासतौर पर इवाते प्रीफेक्चर और होक्काइडो के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों या ऊंचे इलाकों में जाने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, समुद्र में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जो तट पर पहुंचकर नुकसान कर सकती हैं।
जापान सरकार ने चेतावनी दी है कि सुनामी की लहरें एक बार नहीं, बल्कि कई बार आ सकती हैं। इसलिए लोगों को तब तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहना चाहिए जब तक सभी चेतावनियां खत्म नहीं हो जातीं। साथ ही यह भी कहा गया है कि लहरें तय समय से पहले या बाद में आ सकती हैं और उनकी ऊंचाई अनुमान से ज्यादा हो सकती है।
प्रभावित इलाकों में लोगों को समुद्र किनारे और नदियों के मुहानों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि वहां पानी तेजी से भर सकता है। बचाव और आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बता दें कि जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह प्रशांत अग्नि वलय क्षेत्र में स्थित है, जहां चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स मिलती हैं। यहां हर साल करीब 1500 भूकंप आते हैं, जो दुनिया के कुल भूकंपों का लगभग 18 प्रतिशत हैं।
साल 2011 में आया था भीषण भूकंप
हालांकि ज्यादातर भूकंप हल्के होते हैं, लेकिन कई बार बड़े भूकंप (Earthquake) भारी तबाही भी ला सकते हैं। साल 2011 में आए भीषण भूकंप और सुनामी ने जापान में भारी नुकसान किया था।
इस त्रासदी को 2011 तोहोकू भूकंप और सुनामी के नाम से जाना जाता है, जिसमें करीब 18,500 लोगों की मौत या लापता होने की खबर थी और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में गंभीर परमाणु हादसा हुआ था। फिलहाल सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है।
भूकंप के तेज झटके से थर्राया ये देश, 7.4 रही तीव्रता; सुनामी का अलर्ट
