वाराणसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) का वाराणसी दौरे के दूसरे और अंतिम दिन शनिवार को बेहद सादगीपूर्ण और बनारसी रंग में रचा-बसा अंदाज देखने को मिला। शनिवार सुबह वाराणसी से मध्य प्रदेश लौटने से पहले मुख्यमंत्री यादव (CM Mohan Yadav) ने नदेसर स्थित मिंट हाउस के पास एक प्रसिद्ध मिठाई की दुकान पर अचानक अपना काफिला रुकवा दिया। यहां उन्होंने अपने परिजनों के साथ आम लोगों की तरह टेबल पर बैठकर बनारसी व्यंजनों—कचौड़ी, जलेबी और लस्सी का स्वाद लिया। स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने के बाद मुख्यमंत्री ने बनारसी खान-पान की सराहना करते हुए कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान की संस्कृति होती है, जो वहां की पहचान है। स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री (CM Mohan Yadav) के इस सहज और सादगीपूर्ण व्यवहार की खबर फैलते ही दुकान के बाहर राहगीरों की भीड़ जुट गई। लोग उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए और उनके इस ‘खांटी बनारसी’ अंदाज की जमकर सराहना की। मिष्ठान्न भंडार में जलपान के बाद मुख्यमंत्री कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए, जहां से वे मध्य प्रदेश के लिए प्रस्थान कर गए।o
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनके परिजन बनारसी कचौड़ी-जलेबी के हुए कायल
