लॉकडाउन की खबरों में कितनी सच्चाई? अफवाहों पर हरदीप पुरी ने तोड़ी चुप्पी

लॉकडाउन की खबरों में कितनी सच्चाई? अफवाहों पर हरदीप पुरी ने तोड़ी चुप्पी

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Puri) ने ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के सरकार के कदम और लॉक डाउन लगने के अफवाहों के बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है और हम ऊर्जा, सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं से जुड़े हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन, ऊर्जा और अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे। उन्होंने कहा कि हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।
हरदीप पुरी (Hardeep Puri) ने कहा कि भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपनी मजबूती दिखाई है, और आगे भी हम समय पर, सक्रिय और समन्वित तरीके से कदम उठाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।
पिछले एक महीने में बढ़ी कीमतें
पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू गई हैं। लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। ऐसे में दुनिया भर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया X पर कहा है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतें लगभग 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। उत्तरी अमेरिका में 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीका में 50 प्रतिशत है।
हरदीप पुरी (Hardeep Puri) ने कहा कि मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे या तो नागरिकों के लिए कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाएं, जैसा कि बाकी सभी देशों ने किया है या फिर सरकार अपने वित्त पर इसका बोझ उठाए, ताकि आम आदमी अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित रहे।
किरण रिजिजू ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में रखा हुआ है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। टॉप स्तर से लेकर निचले स्तर तक, प्रधानमंत्री खुद व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।