चैत्र नवरात्री पर कब करें पारण, जानें मुहूर्त एवं नियम

चैत्र नवरात्री पर कब करें पारण, जानें मुहूर्त एवं नियम

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का पावन पर्व अब अपने समापन की ओर है। आज नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी है। कल इसकी नवमी होगी। चैत्र नवरात्रि के व्रत पारण का विशेष महत्व है, क्योंकि बिना व्रत पारण के पूजा-पाठ का पूरा फल प्राप्त नहीं होता। इसलिए नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले भक्त निश्चित तिथि और मुहूर्त में व्रत का पारण करते हैं। व्रत के समापन को पारण कहा जाता है।
कब करें नवरात्रि (Chaitra Navratri) के व्रत का पारण?
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि नवरात्रि के व्रत का पारण नवमी या दशमी तिथि के दिन होता है। कई बार ऐसा होता है कि नवमी के दिन ही दशमी तिथि पड़ जाती है। ऐसे में उसी दिन उपवास खोल लिया जाता है। हालांकि, धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दशमी तिथि का पारण सबसे शुभ और सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसे में वो भक्त जो पूरे नौ दिनों का माता रानी का व्रत रखे हुए हैं वो 28 मार्च को नवरात्रि के उपवास का पारण कर सकते हैं।
नवरात्रि (Chaitra Navratri) व्रत पारण शुभ मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार, इस दिन दशमी तिथि सुबह 08 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। ऐसे में इस दिन दशमी तिथि के रहते हुए नवरात्रि के व्रत का पारण करें।
नवरात्रि (Chaitra Navratri) व्रत पारण जुड़े खास नियम
– नवरात्रि व्रत का पारण करने के लिए ब्रह्म मुहू्र्त में उठकर स्नान करें।
– इसके बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर मां दुर्गा की आरती करें।
– मां दुर्गा से पूजा-पाठ में हुई भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
– इसके बाद गंगाजल और तुलसी का सेवन करें।
– फिर सात्विक आहार ग्रहण करके व्रत का पारण करें।
– पारण के दिन बिना माता को भोग लगाए व्रत ना खोलें।
– नवरात्रि के व्रत पारण से पहले नवमी या अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन अवश्य कर लें।