राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नंगे पांव चलकर शुरू की सप्तकोसी परिक्रमा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नंगे पांव चलकर शुरू की सप्तकोसी परिक्रमा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Draupadi Murmu) मथुरा दाैरे के तीसरे दिन शनिवार की सुबह ब्रजभूमि की आध्यात्मिक ऊर्जा में पूरी तरह सराबोर नजर आईं। गोवर्धन पहुंचकर उन्होंने गिरिराज महाराज की सात कोसीय परिक्रमा का शुभारंभ नंगे पांव किया और श्रद्धा, आस्था व सादगी का अनूठा संदेश दिया। राष्ट्रपति के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहे।
परिक्रमा प्रारंभ करने से पहले राष्ट्रपति मुर्मु (Draupadi Murmu) ने दानघाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और दूध अर्पित किया। इस दौरान पूरा वातावरण “गिरिराज महाराज की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
श्रद्धा का चरम उस समय देखने को मिला, जब राष्ट्रपति (Draupadi Murmu) ने नंगे पांव परिक्रमा मार्ग पर कदम रखे। कुछ दूरी पैदल चलकर उन्होंने आस्था और सादगी का संदेश दिया। इसके बाद वे गोल्फ कार्ट में सवार हुईं और परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ीं। उनके साथ आगरा मंडल के कमिश्नर नगेंद्र प्रताप भी थे। वहीं दूसरी गोल्फ कार्ट में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, जनपद के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह और गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह सवार रहे।
राष्ट्रपति (Draupadi Murmu) के आगमन को लेकर गोवर्धन और राधाकुंड नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। जगह-जगह भव्य तोरण द्वार बनाए गए थे। स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने भी दोनों हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया। स्कूलों के बच्चों ने पारंपरिक परिधान में स्वागत किया। वहीं संस्कृत विद्यालयों के छात्रों ने मंत्रोच्चार और स्वागत गीतों के साथ पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
पूरे परिक्रमा मार्ग, गोवर्धन और राधाकुंड कस्बे में विशेष साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को देखकर श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक काफी प्रसन्न दिखाई दिए। जिलाधिकारी सीपी सिंह व्यवस्थाओं की कमान संभालते नजर आए और हर व्यवस्था को बारीकी से मॉनिटर किया गया।