नई दिल्ली। राज्यसभा (Rajya Sabha) में मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
राज्यसभा (Rajya Sabha) की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट को सदन के पटल रखा गया। शून्यकाल में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कई राज्यों में चल रहे एसआईआर को लेकर सवाल उठाए। खरगे ने इस प्रक्रिया को “फ्रॉड” बताते हुए कहा कि इससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और कई वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण देने और चर्चा कराने की मांग की।
इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनावी सुधारों पर पिछले सत्र में पहले ही विस्तृत चर्चा हो चुकी है। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे मुद्दों को बार-बार उठाना उचित नहीं है। विपक्ष सदन के अंदर वास्तविक बहस नहीं चाहता और बार-बार हंगामा कर कार्यवाही बाधित करता है।
नड्डा ने विपक्ष के बहिर्गमन की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष ने एक बार फिर सदन से बाहर जाकर यह दिखाया है कि वह सार्थक चर्चा नहीं चाहता। विपक्ष का रवैया गैरजिम्मेदाराना है। वो अराजकता में विश्वास रखते है। संसद में मुद्दों पर बहस के लिए पूरा अवसर दिया जाता है, लेकिन विपक्ष चर्चा करने के बजाय विरोध और बहिर्गमन का रास्ता चुन रहा है।
राज्यसभा में एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
