अब AI करेगा कॉपियों की जांच, मिनटों में मिलेगा रिज़ल्ट

अब AI करेगा कॉपियों की जांच, मिनटों में मिलेगा रिज़ल्ट

चीन की क्लासरूम अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित नहीं रहीं—अब यहां AI टीचर असिस्टेंट भी काम कर रहा है। देश के कई बड़े शहरों में स्कूलों ने होमवर्क और कॉपी जांचने की जिम्मेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को सौंप दी है। यह टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स की कॉपियों को स्कैन करती है, गलतियां पकड़ती है, नंबर देती है और साथ ही तुरंत फीडबैक भी तैयार कर देती है। नतीजा यह हुआ है कि टीचर्स का समय बच रहा है और वो अब पढ़ाने व बच्चों की पर्सनल गाइडेंस पर ज्यादा फोकस कर पा रहे हैं।
चीन के कई स्कूलों में अब एडवांस न्यूरल नेटवर्क आधारित एआई सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक छात्रों की हाथों से लिखी कॉपियों को स्कैन करती है। स्कैन करने के बाद सिस्टम गलत आंसरों को चिन्हित करता है, सही जवाबों को मार्क करता है और कुछ ही सेकंड में पूरा मूल्यांकन तैयार कर देता है।
ऑनलाइन सामने आए वीडियो में देखा गया कि एआई न सिर्फ नंबर देता है, बल्कि हर सवाल पर डिटेल टिप्पणी भी करता है। इससे छात्रों को तुरंत समझ में आ जाता है कि उनसे कहां गलती हुई।
चीन की टेक कंपनी iFlytek द्वारा विकसित SPARK AI Grader P30 जैसे डिवाइज एक मिनट में लगभग 26 पन्नों की चेकिंग कर सकते हैं। इससे जांच प्रक्रिया बेहद तेज हो गई है।
टिचर्स को  फायदा
इस तकनीक की मदद से शिक्षकों का करीब 50 प्रतिशत तक कार्यभार कम हुआ है। पहले जहां उन्हें घंटों बैठकर कॉपियां चेक करनी पड़ती थीं, अब वही काम कुछ मिनटों में हो जाता है। इससे टीचर पढ़ाने, छात्रों से बातचीत करने और नए टिचिंग मेथड्स पर ध्यान देने के लिए ज्यादा समय निकाल पा रहे हैं। हालांकि निबंध और रचनात्मक कार्यों में अभी भी मानवीय समझ जरूरी मानी जाती है, इसलिए इन मामलों में शिक्षक खुद मूल्यांकन करते हैं।