OPD में बिल्ली ने 3 बच्चों का दिया जन्म, मेडिकल कॉलेज के डीन ने दी ये सफाई

OPD में बिल्ली ने 3 बच्चों का दिया जन्म, मेडिकल कॉलेज के डीन ने दी ये सफाई

इंदौर स्थित एम वाय अस्पताल  के ओपीडी (OPD) में बिल्ली के बच्चों के जन्म लेने की घटना ने मरीजों की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर  गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। छह महीने पहले इसी अस्पताल में चूहों के कुतरने से दो नवजातों की मौत हो गई थी, जिसने प्रदेशभर में अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए थे।
अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (OPD) में एक बिल्ली ने तीन बच्चों को जन्म दिया। बिल्ले के बच्चे ओपीडी परिसर में घूमते दिखे, जिसका वीडियो भी सामने आया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिल्लियों की मौजूदगी केवल सामान्य क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एचआईवी संक्रमित मरीजों के संवेदनशील वार्ड और मेडिसिन स्टोर तक उनकी पहुंच बनी रही। इससे संक्रमण फैलने और दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि एआरटी के एकीकृत परामर्श केंद्र के कुछ कर्मचारी स्वयं बिल्लियों की देखभाल करते पाए गए। इससे अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी अस्पताल में स्वच्छता और कीट-नियंत्रण में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। हाउसकीपिंग व्यवस्था संभाल रही बीवीजी कंपनी पर पूर्व में 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है, बावजूद इसके स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। अस्पताल के अधीक्षक डॉ। अशोक यादव की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर लापरवाही माना है। उन्होंने स्वीकार किया कि ओपीडी क्षेत्र में बिल्ली के तीन बच्चे मिले थे, जिनमें से दो को रेस्क्यू कर लिया गया है और तीसरे को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। डीन ने कहा कि मरीजों के बीच बिल्लियों की मौजूदगी संक्रमण और बीमारियों के फैलाव को बढ़ावा दे सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेस्ट एवं एनिमल कंट्रोल व्यवस्था संभाल रही एजेंसी के कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।