लखनऊ: आज उत्तर प्रदेश विधान परिषद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर उठाए गए प्रश्न पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने सरकार का विस्तृत पक्ष रखते हुए विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन, भ्रामक एवं राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प ‘सर्वे संतु निरामया’ है। आज यूपी में एम्स जैसे संस्थान संचालित हैं और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल रही है। सपा को विकास के आंकड़ों पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सपा का कार्यकाल भ्रष्टाचार और अराजकता का प्रतीक था- केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने निशाना साधते हुए कहा कि सपा के समय में स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ था। एंबुलेंस सेवाएं ठप रहती थीं और अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य माफियाओं का अंत कर जनता को पारदर्शी और सुलभ सेवा प्रदान की है।
उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है। अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने तथा आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने का व्यापक कार्य किया गया है। जहां-जहां आवश्यकता पाई गई है, वहां चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की भर्ती एवं तैनाती निरंतर की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रदेश के करोड़ों लाभार्थियों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है और सरकारी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने बताया कि 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को पहले से अधिक सशक्त बनाया गया है। नई एम्बुलेंसों की तैनाती, जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग और रिस्पॉन्स टाइम में सुधार के कारण आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक प्रभावी हुई हैं। दुर्घटना, प्रसूति तथा नवजात शिशुओं के उपचार में इन सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक जांच सुविधाएं, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सीटी स्कैन एवं पैथोलॉजी जांच की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ की जा रही है। जहां भी मशीनों या तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता है, वहां शीघ्र व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नियमित निरीक्षण, ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा जवाबदेही तय की गई है।
उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने विपक्ष द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों को अपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार निरंतर सुधार कर रही है और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि संबंधित विषय पर चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग से विस्तृत आख्या मांगी गई है और प्राप्त होते ही सदन को सूचित किया जाएगा।
अंत में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित सर्वोपरि की भावना से कार्य कर रही है और स्वास्थ्य सेवाओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता को बेहतर उपचार, सस्ती दवा और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
