हिंदू धर्म में शनि देव (Shani) को न्यायाधीश और कर्मफल दाता कहा गया है। शनि लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल और दंड प्रदान करते हैं। वहीं ज्योतिष शास्त्र में शनि देव नौ ग्रहों में से एक महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं, जिनके गोचर का प्रभाव जीवन पर पड़ता है। अक्सर लोग शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का नाम सुनकर डर जाया करते हैं, लेकिन शनि की महादशा सबसे खतरनाक मानी जाती है।
जीवन में शनि (Shani) की महादशा का प्रभाव 19 सालों तक रहता है। यानी महादशा 19 वर्षों तक चलती है। इस दौरान व्यक्ति को जीवन और करियर-कारोबार में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। शनि की अंतर्दशा, महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या से कोई व्यक्ति नहीं बच सकता। हर किसी को जीवन में एक न एक बार इसका सामना करना ही पड़ता है। शनि की महादशा शुरू होने से पहले कुछ संकेत मिलते हैं। आज हम इन्हीं संकेतों के बारे में जानेंगे। साथ ही जानेंगे महादशा के प्रकोप को कम करने के उपाय।
शनि (Shani) की महादशा शुरु होने से पहले के संकेत
– अचानक आर्थिक तबाही आ जाना
– करियर में असफलता मिलनी शुरू हो जाना
– कानूनी मामले और झूठे आरोपों का लगना
– गंभीर बीमारियां, मनानिक अवसाद, और अकेलापन महसूस होना
– पारिवारिक कलह
– रिश्तों का टूटना
– अत्यधिक आलस्य आना और काम को टालमटोल करना
– मान-सम्मान में कमी आ जाना
– आवास/स्थान में अचानक बदलाव होना
– कीमती वस्तुओं का नुकसान होना।
शनि (Shani) की महादशा के उपाय
शनि (Shani) की महादशा के प्रभाव को कम करने के लिए मुख्य रूप से हनुमान जी की पूजा करें।
पीपल के पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीया जलाएं।
शनिवार के दिन काला तिल, उड़द दाल व काले वस्त्रों का दान करें।
इसके अलावा, ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जप करें।
रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।
जरूरतमंदों की सेवा करें और आचरण में ईमानदारी रखें। साथ ही जीवन में संयम रखें। ये सभी शनि (Shani) की महादशा के बेहद प्रभावी उपाय माने जाते हैं।
शनि की महादशा शुरू होने से पहले मिलते हैं ये संकेत, करें ये उपाय
