‘सेवा तीर्थ’ से मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सड़क पर एक्सीडेंट हुआ तो फ्री होगा इलाज!

‘सेवा तीर्थ’ से मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सड़क पर एक्सीडेंट हुआ तो फ्री होगा इलाज!

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब नई इमारतों ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ में शिफ्ट हो गया है। शुक्रवार को अपने नए दफ्तर में प्रवेश करते ही प्रधानमंत्री ने सबसे पहले उन फाइलों पर हस्ताक्षर किए जो सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति, खेतों में काम करने वाले किसान और खुद को साबित करने में जुटी महिलाओं की जिंदगी बदल सकती हैं।
हादसे के बाद ‘पीएम राहत’ (Pm Rahat Scheme) बनेगी सहारा
सड़क दुर्घटनाएं बताकर नहीं आतीं, और कई बार अस्पताल पहुंचने के बाद पैसों की कमी या कागजी कार्रवाई के चलते इलाज में देरी हो जाती है, जो जानलेवा साबित होती है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पीएम मोदी ने ‘पीएम राहत’ योजना (Pm Rahat Scheme) शुरू की है। यह फैसला हर उस परिवार के लिए सुकून देने वाला है, जिसका कोई सदस्य घर से बाहर काम के लिए निकलता है।
इस योजना (Pm Rahat Scheme) की सबसे बड़ी खासियत इसका मानवीय पहलू है। अब किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचने पर इलाज के लिए पैसे जमा कराने की चिंता नहीं करनी होगी। सरकार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराएगी। इसमें न तो आपको पहले से किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत है, न ही किसी बीमा पॉलिसी की और न ही आय प्रमाण पत्र दिखाने का झंझट। मकसद साफ है, कागजी कार्रवाई बाद में, पहले जान बचाना।
योजना (Pm Rahat Scheme) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी की जान को खतरा नहीं है, तो उसे 24 घंटे तक ‘स्टेबिलाइजेशन ट्रीटमेंट’ दिया जाएगा। वहीं, गंभीर मामलों में जहां जान का जोखिम हो, यह समय सीमा 48 घंटे तक होगी। इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और बाद में अस्पताल डिजिटल क्लेम के जरिए सरकार से पैसा वापस लेगा। हालांकि, यह सुविधा फिलहाल पैनल में शामिल अस्पतालों में ही मिलेगी और कवरेज 7 दिनों तक सीमित है।
6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य
नए दफ्तर से दूसरा बड़ा फैसला देश की उन महिलाओं के लिए लिया गया है जो स्वयं सहायता समूहों के जरिए अपनी तकदीर बदल रही हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि 3 करोड़ ‘लखपति दीदियों’ का लक्ष्य समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया गया है। मार्च 2027 की डेडलाइन तय थी, लेकिन यह आंकड़ा अभी पार हो गया है। अब सरकार ने मार्च 2029 तक देश में 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का संकल्प लिया है।
युवाओं के लिए खुला सरकारी खजाना
खेती-किसानी को मजबूत करने के लिए भी सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, जो अब तक 1 लाख करोड़ रुपये का था, उसे दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे गांव स्तर पर गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी, ताकि किसान अपनी फसल को सही समय पर और सही दाम पर बेच सकें।
वहीं, युवाओं के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2।0’ को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड तैयार किया गया है। यह पैसा खास तौर पर डीप टेक, मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों पर काम करने वाले शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।