लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज प्रदेश के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश का विकास हुआ है और आगे भी निरंतर होता रहेगा। सरकार का लक्ष्य गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और व्यापारी—सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना, ग्रामीण संपर्क मार्ग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचीं छात्राओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
“हमारी बेटियां कल का भविष्य हैं। जब वे शिक्षित और जागरूक होंगी, तभी एक सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा।” — केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि – विपक्ष का काम केवल सरकार की आलोचना करना रह गया है। यदि वे बजट को गंभीरता से पढ़ लें और उसके प्रावधानों को समझ लें, तो उन्हें इसकी सराहना करनी पड़ेगी।
उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने यह भी कहा कि मनरेगा अभियान पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। महात्मा गॉधी जी के नाम पर मनरेगा में हो रही लूट को बन्द करने का काम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने किया है। पूर्ववर्ती सरकारों में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहती थीं, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अब विकास योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि “जी-राम-जी” (गरीब, जवान, किसान) के सशक्तिकरण से गांवों का चहुमुखी विकास सुनिश्चित होगा और प्रदेश में खुशहाली आएगी। ग्रामीण सड़कों, आवास, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से गांव आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
