नाराजगी के बाद मुस्कुराते हुए लौटे विधानसभा अध्यक्ष, सपा विधायक ने सुनाई शायरी

नाराजगी के बाद मुस्कुराते हुए लौटे विधानसभा अध्यक्ष, सपा विधायक ने सुनाई शायरी

लखनऊ। नाराजगी के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) सदन में वापस आए गए है। उन्होने हसते हुए सदन में प्रवेश किया, जिसके सपा विधायक ने एक शायरी सुनाई और सदन का माहौल खुशनमा हो गया। बता दे कि सपा विधायक रागिनी सोनकर के बार-बार सवाल पूछने पर भाजपा विधायक केतकी और सता पक्ष के अन्य विधायकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया था, जिसके बाद गुस्से में विधानसभा अध्यक्ष (Satish Mahana) ने केतकी सिंह को फटकार लगाते हुए कहा कि सदन क्या आप चलाएंगी। यह बोल कर वह माइक फेक कर सदन के बाहर चले गए थे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 के पांचवें दिन 13 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) भाजपा विधायक केतकी सिंह की लगातार टोका-टाकी से नाराज हो गए थे। स्पीकर ने गुस्से में अपना हेडफोन फेंक कर सदन से बाहर चले गए थे। कुछ देर बाद जब वह मुस्कुराते हुए वापस लौटे, तो सदन का माहौल पूरी तरह बदल गया।
सतीश महाना (Satish Mahana) ने सदन में अनुशासन की बात दोहराई और कहा कि जब वे पहली बार सदन में आए थे, तब से अनुशासन पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र किया। एक बार दो विधायकों ने सदन में कपड़े उतार दिए थे। असल में यह 403 विधायकों का कपड़ा उतरना था। व्यंग करते हुए सतीश महाना ने कहा कि एक विधायक ताश खेल रहे थे। इससे संदेश जाता है कि पूरा सदन ताश खेलता है।

नाराजगी के बाद सदन में सतीश महाना वापस आए. माहौल बदला हुआ था। खुशनुमा माहौल। महाना जी ने कहा, मैं जब पहली बार इस सदन में आया था तभी अनुशासन को लेकर बात की थी। एक बार दो विधायकों ने इस सदन में कपड़े उतार दिए थे। असल में ये 403 विधायकों का कपड़ा उतरा था। एक विधायक ताश खेल रहे थे,… https://t.co/N58ds6FkkU pic.twitter.com/New2xwTKqa
— Rajesh Sahu (@askrajeshsahu) February 13, 2026

इसके बाद कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आप (स्पीकर) मुस्कुराते हैं तो पूरा सदन मुस्कुराता है।। उन्होंने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से शायरी सुनाने की अपील की। तभी समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने शायरी सुनाई। तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है। तुम हंसते रहते हो तो बिजली सी चमक जाती है। वहीं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने चुटकी लेते हुए कहा कि महबूबा वाली शायरी न सुनाया करो।
इस पूरे माहौल में सदन में ठहाके लगे और हल्की-फुल्की शेरो-शायरी से तनाव दूर हो गया। यह घटना विधानसभा में स्पीकर की नाराजगी से लेकर हंसी-मजाक तक के बदलाव को दिखाती है, जो यूपी सदन की खासियत बन चुकी है।