महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक बाद घर लाएं ये चीजें, घर में बना रहेगा धन का प्रवाह

महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक बाद घर लाएं ये चीजें, घर में बना रहेगा धन का प्रवाह

हर साल फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पावन पर्व मानाया है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। मान्यता ये भी है कि इसी दिन भगवान शिव पहली बार शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। ये दिन भगवान शिव और माता पार्वती की की अरधना और भक्ति के लिए बड़ा विशेष माना जाता है। इसलिए इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करना बहुत शुभ होता है।
सनातन धर्म में ऐसा विश्वास है कि इस दिन मन और श्रद्धा से की गई पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी दुख और कष्ट कट जाते हैं। महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अगर आप इस साल महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के मंदिर में रुद्राभिषेक करने वाले हैं, तो मंदिर से रुद्राभिषेक बाद ये चीजें अवश्य घर लाएं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर इन चीजों को घर लाने दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है।
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 04 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा।
रुद्राभिषेक के बाद मंदिर से घर लाएं ये चीजें
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन रुद्राभिषेक के बाद शिवलिंग पर चढ़ाए गए बेलपत्र को अवश्य घर लाना चाहिए। शिवलिंग पर चढ़ा बेलपत्र घर लाना बहुत शुभ होता है। घर लाकर इसे तीजोरी, पर्स या पूजा स्थल में रखना चाहिए। इससे घर में धन का प्रवाह बना रहता है।
इस दिन महिलाओं को माता पार्वती को चढ़ाई गईं चूड़ियां, सिंदूर, मेहंदी या अन्य सामग्री घर लाकर धारण करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे सौभाग्य बढ़ता है। साथ ही दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बढ़ती है।
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन जिस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया हो, उसको घर लाकर कलश या छोटे पात्र में रखना चाहिए। इसे घर के चारों कोनों और बीमार व्यक्ति पर छिड़कना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सेहत भी अच्छी रहती है।
अभिषेक के बाद बचा हुआ चंदन या कुमकुम घर में रखना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बढ़ता है। शिवलिंग पर चढ़ाए गए धतूरा या फूल को भी घर के पूजा स्थल पर रखना चाहिए।