साइबर ठगों पर बड़ा एक्शन, अलीगढ़ पुलिस ने 1200 करोड़ का फ्रॉड रोका, 600 WhatsApp ग्रुप बैन

साइबर ठगों पर बड़ा एक्शन, अलीगढ़ पुलिस ने 1200 करोड़ का फ्रॉड रोका, 600 WhatsApp ग्रुप बैन

उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गैंग (Cyber Gang) का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार हांगकांग तक जुड़े हुए थे। पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी जांच ने देश के करीब 1.5 लाख लोगों को ठगे जाने से बचा लिया। अगर पुलिस अगले 48 घंटों के भीतर इन अपराधियों तक नहीं पहुंचती, तो देश भर के भोले-भाले लोगों की मेहनत की गाढ़ी कमाई के लगभग 1200 करोड़ रुपये विदेश पार हो चुके होते।
इस पूरे मामले की शुरुआत अलीगढ़ के एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी दिनेश शर्मा की शिकायत से हुई। उनके साथ शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 10 लाख रुपये की साइबर ठगी (Cyber Crime) हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण अमृत जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस के सामने एक ऐसा नेटवर्क आया जो ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में फैला हुआ था।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘हांगकांग कनेक्शन’
यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था। लोगों को व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़कर शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड में पैसा दोगुना करने का झांसा दिया जाता था। ठगी के पैसे को खपाने के लिए भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्जी फर्म और ‘म्यूचुअल बैंक अकाउंट’ खुलवाए जाते थे। हद तो तब हो गई जब यह बात सामने आई कि ये ठग लोगों को डिजिटल माध्यम से बंधक बनाकर उन पर दबाव डालते थे और पैसे हांगकांग (विदेश) के बैंकों में ट्रांसफर करवाते थे।
600 व्हाट्सएप ग्रुप और 1.5 लाख निशाने
पुलिस की जांच में जो आंकड़े सामने आए वो होश उड़ाने वाले हैं। इस गैंग ने ठगी के लिए 600 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें लगभग डेढ़ लाख लोग जुड़े हुए थे। अलीगढ़ पुलिस ने तत्काल साइबर मिनिस्ट्री (I4C) से संपर्क किया और इन सभी 600 ग्रुप्स को भारत में बैन करवा दिया है।
देशभर से 12 ‘साइबर अपराधी’ गिरफ्तार
पुलिस ने इस गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो देश के अलग-अलग कोनों से हैं। ओडिशा से जगन्नाथ, देवाशीष, जितेंद्र, रंकनिधि नायक अरेस्ट हुए। उत्तराखंड से सूरज सिंह, रविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं दुर्गेश (छत्तीसगढ़), सुरेंद्र कुमार (हरियाणा), नवनीत लहरी (राजस्थान) और रिजवान (यूपी) को भी अरेस्ट किया गया।
पकड़े गए अपराधियों के पास से पुलिस ने तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद किया है। इनके पास से 5,64,000 रुपये नकद, भारी मात्रा में पासबुक, चेक बुक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, एटीएम और सिम कार्ड, लैपटॉप, जियो राउटर, मोबाइल फोन, कैमरा और फर्जी फर्मों की मोहरें बरामद हुईं।