बिहार-पूर्वांचल-मिथिलांचल स्नेह मिलन समारोह: पूर्व से पश्चिम तक एकजुटता का प्रतीक – केशव प्रसाद मौर्य

बिहार-पूर्वांचल-मिथिलांचल स्नेह मिलन समारोह: पूर्व से पश्चिम तक एकजुटता का प्रतीक – केशव प्रसाद मौर्य

गाजियाबाद/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) आज गाजियाबाद के इन्दिरापुरम में आयोजित ‘बिहार-पूर्वांचल-मिथिलांचल स्नेह मिलन समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस भव्य आयोजन में उन्होंने भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

सांस्कृतिक संगम और उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं

अपने संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने समस्त प्रदेशवासियों और कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती विविध संस्कृतियों का संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के ‘स्नेह मिलन समारोह’ न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हैं, बल्कि समाज में पूर्व से लेकर पश्चिम तक एकजुटता का भाव भी पैदा करते हैं।

मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने देश के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज गाजियाबाद के प्रवास के दौरान समस्त जनपदवासियों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता और महान लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखने का आह्वान किया।

चोखा-बाटी सहभोज के साथ आत्मीय संवाद

स्नेह मिलन के इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने क्षेत्रवासियों के साथ बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने पारंपरिक चोखा-बाटी सहभोज में सहभागिता कर जमीन से जुड़े सांस्कृतिक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि हमारा खान-पान और हमारी परंपराएं ही हमारी असली ताकत हैं, जो हमें एक सूत्र में पिरोती हैं।

गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की विशेष उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: सुनील कुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री, उ.प्र. सरकार, अतुल गर्ग, माननीय सांसद, बसंत त्यागी, प्रदेश मंत्री, भाजपा, सत्येंद्र सिसोदिया, क्षेत्रीय अध्यक्ष, भाजपा (पश्चिमी उत्तर प्रदेश),श्रीमती सुनीता दयाल, महापौर, गाजियाबाद, मयंक गोयल, महानगर अध्यक्ष एवं अन्य पार्टी पदाधिकारी/कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या मे जनसमूह की गरिमामयी उपस्थिति रही।