Land for Jobs: लालू परिवार को तगड़ा झटका, कोर्ट ने आरोप तय करना का दिया आदेश

Land for Jobs: लालू परिवार को तगड़ा झटका, कोर्ट ने आरोप तय करना का दिया आदेश

‘लैंड फॉर जॉब’ केस (Land for Jobs) में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए और 52 लोगों को बरी कर दिया, जिनमें रेलवे अधिकारी भी शामिल थे।
कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया। आरोपियों के बीच व्यापक आपराधिक साजिश के स्पष्ट संकेत हैं। सीबीआई केस में लैंड के बदले नौकरी (Land for Jobs) देने की साजिश प्रथम दृष्टया साबित होती है। मामले में आगे ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले में लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, मीसा भारती और बेटे तेजस्वी यादव आरोपी हैं।
व्यापक साजिश रची
जज विशाल गोग्ने ने आदेश सुनाते हुए कहा- कोर्ट संदेह के आधार पर यह पाती है कि लालू यादव ने अपने परिवार के लिए अचल संपत्तियां प्राप्त करने के लिए सार्वजनिक रोजगार को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की एक व्यापक साजिश रची थी। कोर्ट ने आगे कहा कि जो चार्जशीट में कहा गया है, उसे अगर मान लिया जाए तो इस मामले में लालू को अपने करीबी सहयोगियों का भी साथ मिला।
सीबीआई ने इस मामले में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें कहा गया है कि 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहने के दौरान लालू यादव ने नौकरी के बदले अभ्यर्थियों से जमीन गिफ्ट में लिया। दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि रेल मंत्री रहते उन्होंने नियमों को ताक पर रख रेलवे में ग्रुप-D श्रेणी की भर्तियां की गईं और बदलें में अभ्यर्थी की जमीन लालू प्रसाद यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर ट्रांसफर करवा ली गई।
लैंड फॉर जॉब स्कैम (Land for Jobs) में कब क्या हुआ?
2020 के बाद सीबीआई और ईडी ने लैंड फॉर स्कैम केस (Land for Jobs) में बिहार और दिल्ली के कई ठिकानों पर छामेपारी की। इसके बाद 18 मई 2022 को सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज किया। 7 अक्तूबर 2022 को सीबीआई ने जमीन के बदले नौकरी मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। जून 2024 में सीबीआई ने इस मामले में अंतिम चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई ने इस केस में 107 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें 38 वे लोग थे, जो जमीन देकर नौकरी पाए थे। 5 आरोपियों की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने अब इस केस में 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।