कब रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

कब रखा जाएगा सकट चौथ का व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

सनातन धर्म में माघ का महीना बड़ा विशेष माना जाता है। इस माह में कई पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं में शामिल है सकट चौथ (Sakat Chauth)। सकट चौथ का व्रत भगवान शिव के अनुज पुत्र भगवान गणेश को समर्पित है। ये व्रत गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना और कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे शुभ अवसर माना जाता है। हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर ये व्रत रखा जाता है।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ का व्रत इस व्रत को रखने से संतान का जीवन खुशहाल होता है। सभी संकट दूर होते हैं। इस दिन तिल और गुड़ का दान अवश्य करना चाहिए। इस बार सकट चौथ (Sakat Chauth) के व्रत की तारीख को लेकर लोगों के मन में संशय है कि ये व्रत 06 जनवरी को रखा जाएगा या 07 को। ऐसे में आइए जानते हैं व्रत की सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
सकट चौथ (Sakat Chauth) कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 06 जनवरी को सुबह 08 बजकर 01 मिनट पर हो रही है। इस तिथि का समापन 07 जनवरी को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में सकट चौथ का व्रत 06 जनवरी को रखा जाएगा।
सकट चौथ (Sakat Chauth) शुभ मुहूर्त
सकट चौथ (Sakat Chauth) के दिन ब्रह्म मुहूर्त 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त दोपहर 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 11 मिनट से 02 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
चांद निकलने का समय
सकट चौथ (Sakat Chauth) के दिन चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन चंद्र दर्शन करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन चंद्रोदय रात के 9 बजे होगा।
सकट चौथ (Sakat Chauth) पूजा विधि
– सकट चौथ के दिन प्रात: काल स्नान करें।
– इसके बाद विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करें।
– पूजा में गणपति को उनकी प्रिय चीजें जैसे दूर्वा, मोदक, तिल के लड्डू आदि अवश्य चढ़ाएं।
– गणपति की पूजा के बाद सकट चौथ व्रत की कथा पढ़ें या सुनें।
– अंत में आरती करके पूजा संपन्न करें।
– इस दिन चंद्रोदय के समय चंद्रमा के दर्शन और पूजा अवश्य करें।