सर्दियों में गीजर (Geyser) सबसे ज्यादा चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में से एक है. इसे पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इसका बिजली बिल पर कितना असर पड़ता है, यह बहुत कम लोग जानते हैं. अगर आपके घर में 3kW वाला गीजर लगा है, तो इससे रोज कितना यूनिट खपत होती है और महीने का खर्च कितना बढ़ता है, यह जानना जरूरी है. बिजली की बढ़ती कीमतों के बीच गीजर की पावर खपत को समझकर आप आसानी से अपना मासिक बजट मैनेज कर सकते हैं. आइए समझते हैं कि 3kW गीजर वास्तव में कितनी बिजली खाता है.
3kW गीजर (Geyser) दिन में कितनी बिजली खाता है
3kW गीजर का मतलब है कि यह हर घंटे करीब 3 यूनिट बिजली का इस्तेमाल करेगा. अगर आप इसे दिन में 1 घंटा चलाते हैं, तो यह हर घंटे 3 यूनिट खपत करेगा. इसके अलावा ठंड ज्यादा होने पर या परिवार बड़ा होने पर गीजर का इस्तेमाल 1.5 से 2 घंटे तक हो सकता है, जिससे खपत 4.5 से 6 यूनिट तक पहुंच जाती है. यही बिजली खपत महीने के बिल में बड़ा अंतर पैदा करती है.
महीने का बिजली बिल इतना बढ़ जाता है
भारत में औसत बिजली दर 7 से 9 रुपये प्रति यूनिट है. अगर गीजर रोज 1 घंटा चलता है, तो 3 यूनिट की कीमत 21 से 27 रुपये के बीच होगी. महीने में यह 630 से 810 रुपये होता है. वहीं अगर गीजर दिन में 2 घंटे चलता है, तो खपत 180 यूनिट तक पहुंच सकती है और बिल 1260 से 1620 रुपये तक बढ़ सकता है. इसलिए गीजर की अवधि जितनी ज्यादा होगी, बिल उतना ही ज्यादा बढ़ेगा.
गीजर (Geyser) की पावर खपत क्यों बढ़ जाती है
सर्दियों में पानी का तापमान काफी नीचे गिर जाता है, जिसके कारण गीजर को पानी गर्म करने में ज्यादा समय लगता है. अगर बाथरूम बड़ा है, गीजर पुराना है या उसकी सेटिंग हाई टेम्परेचर पर रखी है, तो बिजली खपत और बढ़ जाती है. परिवार के सदस्यों की संख्या ज्यादा हो तो गीजर लगातार चलता है, जिससे यूनिट खपत तेजी से बढ़ती है.
कैसे कम करें गीजर (Geyser ) का बिजली बिल
गीजर को हमेशा मीडियम टेम्परेचर मोड पर चलाएं ताकि बिजली कम खर्च हो. शावर की जगह बाल्टी से नहाने पर पानी कम खर्च होता है, जिससे गीजर कम चलेगा और बिजली की बचत होगी. नए मॉडल्स के गीजर तेजी से पानी गर्म करते हैं और पावर सेविंग फीचर लाते हैं, जिससे खपत 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकती है. बाथरूम में एग्जॉस्ट बंद रखने से गर्मी बाहर नहीं निकलती और गीजर बार-बार रीहीट नहीं करता.
