लखनऊ: राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ए.के. शर्मा (AK Sharma) ने उत्तर प्रदेश के लिए एक व्यापक और प्रेरणादायक विज़न प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। प्रदेश में शहरी विकास के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक परिवर्तन हो रहे हैं—चाहे वह मूलभूत सुविधाओं का उन्नयन हो, सुरक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, वायु प्रदूषण में सुधार, स्वच्छता का उत्कृष्ट मॉडल या नगरों की समग्र कार्यक्षमता का विकास।
उन्होंने (AK Sharma) कहा कि “जब 2047 आएगा, उससे पहले ही उत्तर प्रदेश वह मार्ग प्रदर्शित करेगा जो भारत के सपने को साकार कर सकेगा। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बनाएं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को पूर्ण विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इसी संदर्भ में 29 नवम्बर 2025 को नगर विकास विभाग द्वारा निदेशालय नगरीय निकाय, विशाखा सभागार में “Viksit Uttar Pradesh for Viksit Bharat 2047” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा नगरीय विकास रोडमैप तैयार करना है जो 2047 की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़, टिकाऊ, समावेशी और भविष्य उन्मुख हो। इसमें शहरी नियोजन, आवास, अवसंरचना, मास्टर प्लानिंग, सुशासन और तकनीक आधारित प्रशासन को अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया, ताकि प्रदेश के नगर राष्ट्रीय विकास दृष्टि से जुड़ते हुए Viksit Bharat में प्रमुख योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी, हरित एवं पर्यावरण-संवेदी अवसंरचना, वॉटर मैनेजमेंट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, किफायती आवास, सुरक्षित परिवहन तथा ई-गवर्नेंस व जनसहभागिता मॉडल जैसे प्रमुख मुद्दों पर विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और अधिकारियों द्वारा विस्तृत चर्चा हुई।
इस दौरान प्रदेश के नगरों को आधुनिक तकनीक, मजबूत आधारभूत संरचना तथा सतत विकास मॉडल की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप भी तैयार किया गया।
कार्यक्रम में मेयर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, प्रमुख सचिव पी गुरु प्रसाद, निदेशक अनुज झा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ व नीति निर्माता मौजूद रहे। महापौर प्रयागराज,विभिन्न नगरों के अध्यक्ष, अर्थशास्त्री, नगर निकायों के अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया।
