दो दिन में एक ही परिवार के तीन बच्चों की बुखार से मौत, गांव में मचा हड़कंप

दो दिन में एक ही परिवार के तीन बच्चों की बुखार से मौत, गांव में मचा हड़कंप

कुशीनगर। जिले के एक गांव में एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। दो दिन के अंदर तीनों बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। तीनों बच्चों की तबीयत खराब हुई थी और उन्हें बुखार (Fever) आया था। अब गांव में कैंप लगाया गया है और बच्चों की जांच शुरू कर दी गई है। तीनों बच्चों की मौत कैसे हुई। ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

ये मामला नेबुआ नौरंगिया के ढोलहा से सामने आया है, जहां लहरिया टोला के रहने वाले पिंटू गौड़ की सात साल की बेटी मंजू को पिछले एक हफ्ते से बुखार (Fever) आ रहा था। उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन जब आराम नहीं मिला तो परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में मंजू ने दम तोड़ दिया। परिवार अभी मंजू की मौत के सदमे से बाहर भी नहीं निकला था कि उन पर और दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

एक साथ दो बेटियां की मौत

बुधवार को बेटी मंजू की मौत हुई और तभी से पिंटू की छोटी बेटी खुशी की भी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। वहां ले जाने पर शुक्रवार को सुबह ही खुशी ने भी दम तोड़ दिया। पिंटू का परिवार दो दिन के अंदर दोनों बेटियों की मौत से बुरी तरह टूट गया।

पिंटू गौड़ के परिवार पर आई ये आफत यहीं खत्म नहीं हुई। पिंटू के बड़े भाई दशरथ के पांच साल के बेटे कृष्णा की भी तेज बुखार (Fever) की वजह से मौत हो गई। कृष्णा को पडरौना ले जाया ही जा रहा था कि उसने भी शुक्रवार को रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एक साथ परिवार के तीन मासूमों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग और गांव वालों में भी हड़कंप मच गया।

स्वास्थ्य टीम ने लगाया कैंप

इस घटना की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिली तो टीम ने गांव में कैंप लगाया और करीब 57 बच्चों की जांच की। इस दौरान बुखार, मलेरिया और डेंगू की जांच की गई और साथ ही साथ दवाईयां भी वितरित की गईं। टीम ने प्रभावित घरों के आसपास दवा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर लोगों से स्वच्छता रखने की अपील की।