डीसी और एसडीएम रोजाना समाधान शिविर में सुनें शिकायतें : मुख्यमंत्री

CM Nayab Saini

चंडीगढ़। अब समाधान शिविर में उपायुक्त और एसडीएम को प्रतिदिन हिस्सा लेना होगा और लोगों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करना होगा। साथ ही यदि शिकायतकर्ता को एक ही मुद्दे के लिए बार-बार समाधान शिविर जाना पड़ता है तो इसके लिए अधिकारी जवाबदेह होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) ने यह आदेश वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिला और उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविरों में जनता से बातचीत के बाद अधिकारियों को दिए।

सीएम (CM Nayab Saini) ने इस बात पर जोर दिया कि जिला स्तर के अलावा उपमंडल मुख्यालयों पर भी नियमित रूप से समाधान शिविर होने चाहिए। इसमें एसडीएम के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी भी इन शिविरों में मौजूद रहें। इस दौरान बताया कि अक्तूबर से मार्च 2025 तक सभी जिलों में समाधान शिविरों में प्राप्त 18,925 शिकायतों में से 10,955 शिकायतों का समाधान हो चुका है। 6,639 शिकायतें लंबित हैं और 1,331 को खारिज कर दिया गया है। वहीं, शहरी स्थानीय निकायों में आयोजित समाधान शिविरों में 8,635 शिकायतों में से 5,761 का समाधान हो चुका है। 1,813 शिकायतें लंबित हैं और 1,061 को खारिज कर दिया गया है।

फीस मांगने के मामले की जांच के आदेश

मुख्यमंत्री (CM Nayab Saini) ने शिविर में आए लोगों से बातचीत भी की। इस दाैरान रोहतक की एक महिला ने निजी स्कूल की ओर से धारा 134-ए के तहत बच्चे के दाखिले के लिए फीस मांगने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने मामले की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि जिले का कोई भी स्कूल इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त न हो।

यमुनानगर के बिलासपुर में समाधान शिविर में आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री (CM Nayab Saini) को बताया कि कई प्रयासों के बावजूद वह अपनी फसल के नुकसान का विवरण ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पा रहा है। इस पर सैनी ने बिलासपुर के एसडीएम को निर्देश दिए कि वे इस मुद्दे को वित्त आयुक्त, राजस्व के समक्ष उठाएं और सुनिश्चित करें कि इसका जल्द से जल्द समाधान हो।

पानीपत में लंबित मामलों पर उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि एक वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही स्थिति का आकलन करने के लिए पानीपत का दौरा करेंगे ताकि इस दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें।

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