मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र अंतर्गत परसौना गांव से सोमवार की देर रात एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक गृहक्लेश और पारिवारिक विवाद से अत्यधिक आहत होकर एक विवाहिता ने अपने तीन मासूम बच्चों को भोजन में जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद स्वयं भी जहर खा लिया। इस दिल दहला देने वाले सामूहिक आत्मघाती कदम के कारण महिला, उसके इकलौते बेटे और एक बेटी की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक अन्य बेटी की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। उसे गंभीर स्थिति में वाराणसी के आईएमएस बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) में लाइफ सपोर्ट पर भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसे बचाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
तीन ने तोड़ा दम
स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, परसौना गांव निवासी धर्मेंद्र की 38 वर्षीय पत्नी कुसुम ने सोमवार रात अपने तीन बच्चों—मधु (12 वर्ष), राधिका (10 वर्ष) और सत्या (8 वर्ष) को जहरीला पदार्थ देने के बाद खुद भी उसका सेवन कर लिया। देर रात जब चारों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उनके मुंह से झाग निकलने लगा, तो परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में चारों पीड़ितों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मड़िहान ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मिर्जापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में इलाज के दौरान ही मां कुसुम और 10 वर्षीय बेटी राधिका ने दम तोड़ दिया। इसके बाद गंभीर रूप से तड़प रहे 12 वर्षीय मधु और 8 वर्षीय बेटे सत्या को डॉक्टरों ने तुरंत वाराणसी ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया। हालांकि, वाराणसी में इलाज के दौरान मासूम बेटे सत्या की भी मौत हो गई, जबकि बड़ी बेटी मधु अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
पति की दूसरी शादी का शक
इस खौफनाक कदम के पीछे की पारिवारिक पृष्ठभूमि का खुलासा करते हुए संतनगर थाना क्षेत्र के कुसुम्हा गांव निवासी कुसुम के सगे भाई छोटू ने पुलिस को बताया कि उसका बहनोई धर्मेंद्र दिल्ली में रहकर निजी काम करता है और वह चार दिन पहले ही गांव लौटा था। छोटू के अनुसार, उसकी बहन कुसुम को पिछले कुछ समय से पक्का शक था कि धर्मेंद्र ने दिल्ली में चोरी-छिपे किसी दूसरी महिला से शादी कर ली है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच काफी समय से तीखा विवाद चल रहा था। विवाद को सुलझाने के लिए 12 जुलाई, रविवार को कुसुम के मायके शीतलगढ़ में गांव के पूर्व प्रधान के घर एक सामाजिक पंचायत (समझौता) भी बुलाई गई थी। पंचायत में यह लिखित और मौखिक सहमति बनी थी कि धर्मेंद्र 13 जुलाई, सोमवार को अपनी पत्नी कुसुम को सम्मानपूर्वक विदा कराकर अपने घर ले जाएगा।
समझौते के बाद मुकर गया पति
भाई का आरोप है कि सोमवार को धर्मेंद्र तय वादे के मुताबिक अपनी पत्नी को विदा कराने ससुराल नहीं आया, बल्कि वह गुपचुप तरीके से अपने घर आकर वहां से कहीं और चला गया। पंचायत के फैसले के बाद भी पति द्वारा विदा न किए जाने और दूसरी शादी के गहरे सदमे से कुसुम पूरी तरह टूट गई। इसी मानसिक अवसाद और सामाजिक बदनामी से आहत होकर उसने सोमवार की देर रात यह आत्मघाती और भयावह कदम उठा लिया। घटना की आधिकारिक सूचना मिलते ही मड़िहान थाना पुलिस और वरिष्ठ क्षेत्राधिकारी (CO) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस प्रशासन ने मृतका के भाई के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार पति धर्मेंद्र की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
