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देश में एक दिन में मिले रिकॉर्ड 3.86 लाख नए संक्रमित, 3498 की मौत

नयी दिल्ली। देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण (Corona in India) के रिकॉर्ड 3,86,452 मामले दर्ज किए गए, वहीं इस दौरान संक्रामण से 3498 मरीजों की मौत हो गयी है।

बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 3,79,257 मामले दर्ज किए गए जिसके बाद संक्रमण के कुल मामले।,83,76,524 हो गए है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उपाचाराधीन मरीजों की संख्या 30 लाख के पार पहुंच गई है।

कोरोना वायरस का ब्राजीली स्वरूप अधिक संक्रामक

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सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में 3,645 लोगों की मौत होने के बाद इस घातक बीमारी के मृतकों की संख्या 2,04,832 हो गई है। लगातार मामले बढ़ने के बीच, देश में उपाचाराधीन मरीजों की संख्या 30,84,814 हो गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.79 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 82.10 प्रतिशत हो गई है।

आंकड़ों के मुताबिक बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या।,50,86,878 हो गई है। संक्रमण से मौत होने की दर घटकर 1.11 प्रतिशत हो गई है।  देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख को पार कर गई थी। वहीं कोविड-19 मरीजों की संख्या 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के आंकड़े को पार कर गई थी।

इसके बाद 28 सितंबर को कोविड-19 के मामले 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख, 19 दिसंबर को एक करोड़ और 19 अप्रैल को कोविड-19 के मामले 1.5 करोड़ से अधिक हो गए थे।

ब्राजील से निकले कोरोना वायरस के पी.1 स्वरूप के सार्स-सीओवी-2 के अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक होने की संभावना है और यह वायरस से पूर्व में हुए संक्रमण से हासिल प्रतिरोधक क्षमता से बचने में सक्षम हो सकता है। यह दावा एक नए माॉडलिंग अध्ययन में किया गया है।   साइंस  जर्नल में प्रकाशित शोध में पी .1 की विशेषता और उसके गुणों को जानने के लिये ब्राजील के मनौस शहर से आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें जेनेटिक सीक्वेंसिंग डेटा के 184 नमूनों को भी शामिल किया गया है।

मनौस बड़े पैमाने पर दूसरी लहर के प्रकोप का सामना कर रहा है, जिसमें प्रतिदिन होने वाली मौतों की अधिक संख्या और स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था के ध्वस्त हो जाने के उदाहरण देखने को मिले हैं।

डेनमार्क में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं और ब्राजील के सहकर्मियों ने पाया कि आनुवंशिक रूप से पी.1 कोरोनो वायरस के पिछले स्वरूपों से अलग है।

उन्होंने कहा कि इसने 17 उत्परिवर्तन हासिल किये हैं। इसमें स्पाइक प्रोटीन – के417टी, ई484के और एन501वाई में उत्परिवर्तन शामिल है।   स्पाइक प्रोटीन कोरोनो वायरस को मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने में मदद करता है।

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